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योजनाओं के चयन में न हो भेदभाव : मंत्री
Sat, 02 Mar 2019 10:45 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Sat, 02 Mar 2019 10:45 PM IST
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पिथौरागढ़ में जिला योजना की बैठक लेते प्रभारी मंत्री अरविंद पांडेय।
- फोटो : पिथौरागढ़
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जिले के प्रभारी मंत्री अरविंद पांडेय की अध्यक्षता में हुई जिला योजना समिति की बैठक में 2019-20 के लिए 43 करोड़ 43 लाख रुपये की जिला योजना का परिव्यय अनुमोदित किया गया।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि सीमांत जिले के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जानी चाहिए। यहां के अनुभवी व्यक्तियों का लाभ लेकर विकास के बेहतर प्रस्ताव तैयार किए जाएं। मंत्री ने कहा कि योजनाओं को तैयार करने में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार योजना तैयार करनी होगी। उन्होंने अति आवश्यकीय कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। कार्यों के लिए उतनी ही धनराशि प्रस्तावित करें, जितनी विभागीय क्षमता हो। उन्होंने कहा कि कार्यों को प्रस्तावित करने से पूर्व भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करें और कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। अधिकारी समय-समय पर निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें।
जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने जिला योजना के लिए विभागवार प्राप्त प्रस्तावों की जानकारी दी। बताया कि वर्ष 2018-19 में जिला योजना का परिव्यय 39 करोड़ 48 लाख था, जिसमें से शत प्रतिशत धनराशि शासन से अवमुक्त की गई। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए शासन ने 10.005 प्रतिशत की वृद्धि कर 43 करोड़ 43 लाख का परिव्यय प्रस्तावित किया है। किसानों की आय दोगुना करने के लिए कृषि से संबंधित विभागों का परिव्यय बढ़ाया जा रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी, विधायक विशन सिंह चुफाल, विधायक मीना गंगोला, विधायक हरीश धामी, समिति के सदस्य पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत, गणेश भंडारी, केएस वल्दिया, किशन भंडारी, महिमन कन्याल आदि मौजूद थे। संचालन मुख्य विकास अधिकारी वंदना ने किया।
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प्रभारी मंत्री ने कहा कि सीमांत जिले के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जानी चाहिए। यहां के अनुभवी व्यक्तियों का लाभ लेकर विकास के बेहतर प्रस्ताव तैयार किए जाएं। मंत्री ने कहा कि योजनाओं को तैयार करने में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार योजना तैयार करनी होगी। उन्होंने अति आवश्यकीय कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। कार्यों के लिए उतनी ही धनराशि प्रस्तावित करें, जितनी विभागीय क्षमता हो। उन्होंने कहा कि कार्यों को प्रस्तावित करने से पूर्व भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करें और कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। अधिकारी समय-समय पर निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें।
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जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने जिला योजना के लिए विभागवार प्राप्त प्रस्तावों की जानकारी दी। बताया कि वर्ष 2018-19 में जिला योजना का परिव्यय 39 करोड़ 48 लाख था, जिसमें से शत प्रतिशत धनराशि शासन से अवमुक्त की गई। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए शासन ने 10.005 प्रतिशत की वृद्धि कर 43 करोड़ 43 लाख का परिव्यय प्रस्तावित किया है। किसानों की आय दोगुना करने के लिए कृषि से संबंधित विभागों का परिव्यय बढ़ाया जा रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी, विधायक विशन सिंह चुफाल, विधायक मीना गंगोला, विधायक हरीश धामी, समिति के सदस्य पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत, गणेश भंडारी, केएस वल्दिया, किशन भंडारी, महिमन कन्याल आदि मौजूद थे। संचालन मुख्य विकास अधिकारी वंदना ने किया।
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