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धारचूला नगरपालिका क्षेत्र का विस्तार होगा
ब्यूरो/अमर उजाला,धारचूला
Updated Sun, 30 Apr 2017 10:55 PM IST
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धारचूला नगरपालिका वर्तमान क्षेत्र
- फोटो : अमर उजाला
दो साल पहले गठित धारचूला नगरपालिका में अब आसपास के कुछ और गांवों को मिलाया जाएगा। प्रदेश के शहरी विकास सचिव ने इस आशय का निर्देश नगरपालिका को दिया है। इससे पहले 26 अप्रैल को हुई नगरपालिका बोर्ड की बैठक में भी पालिका क्षेत्र के विस्तार के प्रस्ताव को मजूरी दी गई थी। नगर निकाय के 2018 में होने वाले चुनाव के समय नए परिसीमन को ही आधार माना जाएगा। यह बात अलग है कि विस्तार के लिए तैयार प्रस्ताव पर नगरपालिका ने आम लोगों से एक सप्ताह के भीतर अपनी आपत्ति प्रस्तुत करने को कहा है। यदि एक सप्ताह तक कोई आपत्ति नहीं आई तो पालिका इस मुद्दे पर एकतरफा फैसला ले लेगी।
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नगरपालिका अध्यक्ष दशरथी खैर और अधिशासी अधिकारी श्रीकांत ने बताया कि धारचूला नगरपालिका क्षेत्र में अब खोतिला, हाटगांव, देवल, बगीचा, जीआईसी, लूरकोट, सिनियाखोला और बिनकाना को भी शामिल किया जाएगा। इन क्षेत्रों को मिलाने के बाद नगरपालिका की आबादी 30 हजार से अधिक हो जाएगी। विस्तारीकरण के पीछे मुख्य मकसद यह बताया गया है कि नगर से लगे गांवों को भी शहरी सुविधाओं का लाभ मिलेगा और पालिका क्षेत्र का विस्तार होने से उसे शासन से मिलने वाले बजट की राशि भी बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा है कि पालिका बोर्ड की बैठक में नए इलाकों को शामिल करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी जा चुकी है। फिर भी लोगों की आपत्ति पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
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खोतिला में विरोध और समर्थन भी
धारचूला। ग्राम प्रधान लीला धामी ने कहा कि खोतिला को नगरपालिका में शामिल किया गया तो उसका विरोध होगा। खोतिला ग्राम पंचायत रांथी में आता है। उधर, खोतिला युवा संगठन के अध्यक्ष कृष्ण सिंह का कहना है कि अब तक ग्राम पंचायत की मद में खोतिला की उपेक्षा होती रही है। यदि नगरपालिका में शामिल किया जाता है तो गांव का विकास होगा।
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विरोध के कारण नहीं बनी मुनस्यारी नगर पंचायत
मुनस्यारी। मुनस्यारी नगर पंचायत की अधिसूचना जारी होने के बाद भी इस कारण गठन नहीं हो पाया कि उसमें शामिल होने वाले गांवों ने विरोध कर दिया था। करीब एक वर्ष बाद शासन ने नगर पंचायत मुनस्यारी के गठन की अधिसूचना वापस ले ली और इसके गठन का प्रस्ताव समाप्त कर दिया। मुनस्यारी में नगर पंचायत अस्तित्व में नहीं आ पाई है।