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धारचूला प्रकरण : 630 बाहरी व्यापारियों का पंजीकरण निरस्त

Tue, 06 Feb 2024 10:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Tue, 06 Feb 2024 10:42 PM IST
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Dharchula case: Registration of 630 outside traders cancelled.
धारचूला में बैठक करते व्यापार संघ कोर कमेटी के पदा​धिकारी और स्थानीय लोग। संवाद
धारचूला/जौलजीबी। धारचूला से दो नाबालिगों को भगा ले जाने की घटना के बाद सीमांत क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है। व्यापार संघ ने कोर कमेटी की बैठक में निर्णय लेने के बाद बाहरी क्षेत्रों से आए 630 व्यापारियों के पंजीकरण निरस्त कर दिए हैं। तय हुआ है कि अब बाहरी व्यापारियों को व्यापार संघ की सदस्यता नहीं दी जाएगी।
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मंगलवार को व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा की अध्यक्षता में धारचूला व्यापार संघ कोर कमेटी की बैठक हुई। बैठक में व्यापक चर्चा के बाद 630 व्यापारियों के पंजीकरण को निरस्त कर दिया गया। तय हुआ कि नई प्रक्रिया के तहत फिर से पंजीकरण शुरू होगा। इसमें वर्ष 2000 से पूर्व धारचूला में व्यापार कर रहे व्यापारियों को ही पंजीकृत किया जाएगा। बाहर से आने वाले किसी भी व्यापारी को व्यापार संघ की सदस्यता नहीं दी जाएगी।
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बिना पुलिस सत्यापन के किसी भी व्यापारी का पंजीकरण नहीं होगा। सदस्यता नवीनीकरण के दौरान दूसरे व्यक्ति की ओर से अपनी दुकान बताने का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। तय किया गया कि पुलिस सत्यापन के बाद राजमिस्त्री और मजदूरों का अस्थायी पंजीकरण किया जाएगा। इन मजदूरों की जिम्मेदारी ले जाने वाले ठेकेदार की होगी।
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बैठक के बाद व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने बताया कि स्थानीय व्यापारियों और जनता की मांग पर कोर कमेटी ने सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। महासचिव महेश गर्ब्याल ने कहां कि बाहरी व्यापारियों के कारण स्थानीय व्यापारी हाशिए पर चले गए हैं। स्थानीय व्यापारियों का अपना जीवन यापन करना भी मुश्किल हो गया है।
बैठक में जिला उपाध्यक्ष हरीश गुंज्याल, संरक्षक अशोक नबियाल, ओपी वर्मा, श्यामचन्द्र खर्कवाल, महीराज गर्ब्याल, लक्ष्मण कौशल, महेश गर्ब्याल, अश्विनी नपलच्याल, खड़क दानू, प्रकाश गुंज्याल, डीके फकलियाल, कृष्ण गर्ब्याल, सज्जाक हुसैन, बिरेन्द्र सिंह, मो. आमिर, दीपक रोंकली, बृजेश कुंवर ,शकुंतला आगरी, धनुली बिष्ट, रेनू मर्तोलिया आदि मौजूद रहे।
पुलिस ने सत्यापन शुरू किया
धारचूला। धारचूला में नाई के नाबालिगों को भगा ले जाने की घटना के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। पुलिस ने बाहरी मजदूरों और दुकानों में काम करने वाले लोगों का सत्यापन शुरू कर दिया है। कोतवाल केएस कुंवर ने बताया कि पिछले साल 884 बाहरी क्षेत्रों के लोगों के सत्यापन हुए थे। संवाद
नाइयों की दुकानों में काम करने वाले युवक गायब
धारचूला। एक नाई के नाबालिगों को भगाने की घटना के बाद धारचूला सहित क्षेत्र के कस्बों में नाइयों की दुकानों में काम करने वाले कई बाहरी क्षेत्रों से आए युवक अचानक गायब हो गए हैं। कुछ नाइयों की दुकानें भी बंद हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बिना पंजीकरण के बड़ी संख्या में नाइयों की दुकानों में बाहरी राज्यों के लोग काम कर रहे हैं। ऐसे में अब बिना सत्यापन के किसी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संवाद
पुलिस ने भवन स्वामियों को सत्यापन के लिए किया जागरूक
जौलजीबी। धारचूला में हुई घटना के बाद जौलजीबी पुलिस ने कोतवाल संजीव कुमार के नेतृत्व में जौलजीबी में सभी व्यापारियों और मकान मालिकों को कामगारों और किरायेदारों के सत्यापन के लिए जागरूक किया। कोतवाल ने दुकानों में जाकर दुकानदारों और होटल स्वामियों के साथ चर्चा की। साथ ही किराये पर रहने वाले किरायेदारों के सत्यापन को भी जरूरी बताया। वहां जौलजीबी पुलिस टीम, व्यापार मंडल अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह, राजेंद्र पांगती, भूपाल चंद, दिनेश वर्मा, जाहिद हुसैन, राजेंद्र बुरफाल, हरीश पोखरिया, मोहन, ललित लबेला आदि शामिल रहे। संवाद

धारचूला को इनर लाइन के दायरे में लाने की मांग
पिथौरागढ़। धारचूला में दो नाबालिगों को भगाए जाने की घटना के बाद पंचायत प्रतिनिधि मुखर हो गए हैं। उन्होंने जनजाति क्षेत्र को इनर लाइन की सीमा में लाने की मांग उठाई है। इस संबंध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया है। मुनस्यारी के सरमोली क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने उत्तरकाशी, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, चमोली, उधम सिंह नगर, चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा सहित अन्य जिलों में रहने वाले पांचों जनजातियों के मूल निवास क्षेत्र को इनर लाइन की परिधि में लाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जनजातियों के पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक देहरादून में बुलाई जा रही है। इसमें निर्णायक आंदोलन के लिए रणनीति बनाई जाएगी। संवाद
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