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ब्रह्म कमल लेने श्रद्धालुओं का दल 18 हजार फुट पर स्थित नंदा कुंड रवाना
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नाचनी क्षेत्र गांवों से ब्रह्मकमल लाने उच्च हिमालयी क्षेत्रों को जाते श्रद्धालु।
- फोटो : PITHORAGARH
नाचनी(पिथौरागढ़)। नंदा भगवती का स्वरूप माने जाने वाले पुष्प ब्रह्मकमल को लाने के लिए क्षेत्र के चार गांव के श्रद्धालु तीन दिवसीय पैदल यात्रा पर नामिक ग्लेशियर के निकट नंदा कुंड के लिए रवाना हो गए हैं। सोमवार को ब्रह्मकमल गांव के नंदा भगवती मंदिर में अर्पित किए जाएंगे।
डोर गांव के दल में शामिल शिक्षक गोविंद राणा ने बताया कि शनिवार ऋषि पंचमी को शुरू हुई 60 किमी यात्रा में इस बार चार गांव डोर, सैंणराथी, बिर्थी और गिरगांव के लगभग 250 श्रद्धालु ब्रह्मकमल लेने गए हैं। डोर गांव के मुख्य पुजारी पूरन सिंह मेहरा और मदन सिंह राणा सहित 70 श्रद्धालु नंगे पांव एक समय भोजन कर यात्रा कर रहे हैं। शनिवार को 20 किमी की चढ़ाई पार 12000 फुट पर स्थित थाला ग्वार में रात्रि विश्राम किया गया। रविवार सुबह चार बजे यह दल 10 किमी चलकर 18000 फुट पर स्थित नंदा कुंड पहुंचेंगे। कुंड की पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालु ब्रह्मकमल तोड़कर लौटेंगे और थाला ग्वार में रात्रि विश्राम करने के बाद सोमवार शाम छह बजे अपने-अपने नंदा मंदिरों में पुष्प अर्पित करेंगे। चारों गांवों के मंदिर में डोल, नगाड़ों सहित कई अन्य वाद्य यंत्रों के साथ देव डांगर अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे।
छिपलाकेदार से लौटे 700 श्रद्धालु
बंगापानी (पिथौरागढ़)। बंगापानी तहसील के 700 श्रद्धालुओं का जत्था छिपलाकेदार की 13 से 14 किमी की कठिन यात्रा कर वापस लौटा। इस बार श्रद्धालुओं को देव डांगरों से 46000 फिट की ऊंचाई पर स्थित नाजूरीकोट कुंड जाने का हुकम नहीं मिला, जिससे वजह से श्रद्धालु भनार मंदिर से ही वरपानी लेकर लौटे। यहां पर 80 युवाओं का जनेऊ संस्कार किया गया।
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डोर गांव के दल में शामिल शिक्षक गोविंद राणा ने बताया कि शनिवार ऋषि पंचमी को शुरू हुई 60 किमी यात्रा में इस बार चार गांव डोर, सैंणराथी, बिर्थी और गिरगांव के लगभग 250 श्रद्धालु ब्रह्मकमल लेने गए हैं। डोर गांव के मुख्य पुजारी पूरन सिंह मेहरा और मदन सिंह राणा सहित 70 श्रद्धालु नंगे पांव एक समय भोजन कर यात्रा कर रहे हैं। शनिवार को 20 किमी की चढ़ाई पार 12000 फुट पर स्थित थाला ग्वार में रात्रि विश्राम किया गया। रविवार सुबह चार बजे यह दल 10 किमी चलकर 18000 फुट पर स्थित नंदा कुंड पहुंचेंगे। कुंड की पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालु ब्रह्मकमल तोड़कर लौटेंगे और थाला ग्वार में रात्रि विश्राम करने के बाद सोमवार शाम छह बजे अपने-अपने नंदा मंदिरों में पुष्प अर्पित करेंगे। चारों गांवों के मंदिर में डोल, नगाड़ों सहित कई अन्य वाद्य यंत्रों के साथ देव डांगर अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे।
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छिपलाकेदार से लौटे 700 श्रद्धालु
बंगापानी (पिथौरागढ़)। बंगापानी तहसील के 700 श्रद्धालुओं का जत्था छिपलाकेदार की 13 से 14 किमी की कठिन यात्रा कर वापस लौटा। इस बार श्रद्धालुओं को देव डांगरों से 46000 फिट की ऊंचाई पर स्थित नाजूरीकोट कुंड जाने का हुकम नहीं मिला, जिससे वजह से श्रद्धालु भनार मंदिर से ही वरपानी लेकर लौटे। यहां पर 80 युवाओं का जनेऊ संस्कार किया गया।
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