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भट्टीगांव में जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन

Fri, 06 Jul 2018 10:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बेड़ीनाग
ब्यूरो/अमर उजाला, बेड़ीनाग Updated Fri, 06 Jul 2018 10:27 PM IST
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Demonstration against water institution in Bhatigaon
बेड़ीनाग में पानी की चल रही किल्लत के चलते प्रदर्शन करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

बेड़ीनाग नगर पंचायत के भट्टीगांव क्षेत्र में लोगों ने खाली बर्तनों के साथ जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों को गांव के नौले में लाइन लगाकर पानी भरना पड़ रहा है। नौले में भी पानी कम हो गया है। जल संस्थान ने एक महीने से टैंकर से पानी बांटना भी बंद किया है।

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बारिश नहीं होने से भी पेयजल संकट बढ़ गया है। गुस्साए ग्रामीणों ने शुक्रवार को जल संस्थान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गांव के दिव्यांग गोपाल राम, गंगा देवी, जयंती देवी, ममता देवी, मंजू देवी, रमा देवी, जानकी देवी आदि का कहना है कि अगर जल संस्थान ने लोगों के लिए पानी की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की तो सोमवार को जल संस्थान कार्यालय में धरना देकर अधिकारियों का पुतला फूंका जाएगा। इधर, जल संस्थान के अवर अभियंता महेश रौतेला ने कहा कि वह गांव जाकर समस्या देखकर व्यवस्था करेंगे।
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भुमका गांव में लोग पी रहे हैं नहर का गंदा पानी
तहसील की पाताल भुवनेश्वर ग्राम पंचायत के भुमका तोक में 12 परिवारों के लोग सिंचाई नहर का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। यहां पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण लंबे समय से पेयजल योजना बनाने की मांग कर रहे हैं। गांव के आनंद सिंह, बसंत सिंह, दान सिंह, धर्म सिंह आदि ने बताया कि यहां अब तक पानी की कोई योजना नहीं बनी है। प्राकृतिक स्रोत सूखने के बाद करीब 10 साल से लोग सिंचाई नहर का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। प्रधान कमला देवी ने बताया कि पेयजल योजना के लिए लगातार प्रस्ताव दिए हैं, लेकिन उनमें कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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चनकाना गांव में भी पानी की आफत 
निकटवर्ती गांव चनकाना में तीन महीने से लोगों के नलों में पानी न आने से हाहाकार मचा है। लोग तीन किमी दूर घटगाड़ से पानी ला रहे हैं। चनकाना के अलावा मुनकट्टा, खाइजर और मझेड़ा में में भी यही स्थिति है। गांव में पानी की योजना पुरानी होने के साथ जीर्ण-शीर्ण हो गई है। इन दिनों यह योजना ग्राम पंचायत के अधीन है। ग्राम प्रधान रामलाल का कहना है कि बजट न होने पेयजल लाइन की मरम्मत का काम नहीं कराया जा सका है।

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