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Pithoragarh: रात दस बजे के बाद ढोल...दमाऊं और छलिया नृत्य पर रोक लगाने की मांग, शादी के दौरान आतिशबाजी भी बंद
Thu, 16 May 2024 06:23 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
Published by: हीरा मेहरा
Updated Thu, 16 May 2024 06:23 PM IST
सार
पिथौरागढ़ में विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर छलिया संगठन ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने रात 10 बजे बाद ढोल, दमाऊं और छलिया नृत्य पर प्रतिबंध लगाने और शादी विवाह के दौरान आतिशबाजी भी बंद करने मांग की।
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छलिया संगठन ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पिथौरागढ़ में विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर छलिया संगठन ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने रात 10 बजे बाद ढोल, दमाऊं और छलिया नृत्य पर प्रतिबंध लगाने और शादी विवाह के दौरान आतिशबाजी भी बंद करने मांग की।
बृहस्पतिवार को छलिया दल संगठन के लोग कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से शादी विवाह, उत्सवों, महोत्सवों से अपने परिवार का भरण पोषण करते आ रहे हैं। रात 12 बजे शादी निपटती है तो कभी बजे ऐसी स्थिति में हमें सोने के लिए होटलों में जाना पड़ता है तो होटल भी रात 10 बजे बाद बंद हो जाते हैं ऐसी स्थिति में दूर दराज अपने घर जाना पड़ता है। इसी कारण हाल ही में एक छलिया दल का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने शादी विवाह में जिस तरह रात 10 बजे डीजे को प्रतिबंधित किया गया है। उसी प्रकार ढोल, दमाऊं और छलिया नृत्य पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि प्रतिबंध के बाद भी कुछ छलिया दल छलियों के बीच में महिला नर्तकी को नचा रहे हैं, इससे हमारी छलिया संस्कृति विलुप्त की कगार पर है और महिलाओं का अपमान हो रहा है। उन्होंने शादी विवाह के दौरान अतिशबाजी पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। आतिशबाजी से अग्निकांड हो सकता है। उन्होंने शीघ्र छलिया नृतकों की समस्या का समाधान करने की मांग की है। इस मौके पर रमेश लाल, महेश राम, किशन राम, जीवन राम, महेंद्र प्रसाद, राकेश, ललित कुमार, मुकेश सहित कई छलिया नृतक मौजूद रहे।
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