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Pithoragarh News: बेस अस्पताल को विशेषज्ञ चिकित्सकों का इंतजार
Sun, 23 Apr 2023 11:27 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 23 Apr 2023 11:27 PM IST
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पिथौरागढ़ का बेस अस्पताल। संवाद
पिथौरागढ़। बेस अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है। चिकित्सकों के न होने से मरीज उपचार के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। एक साल पूर्व स्वास्थ्य विभाग ने पदों का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था जिसे सरकार से स्वीकृति नहीं मिली है।
बेस अस्पताल का संचालन हुए डेढ़ माह से अधिक का समय हो गया है। फिर भी सरकार यहां पर विशेषज्ञ चिकित्सकों को तैनात नहीं कर सकी है। आठ फरवरी को मुख्य सचिव ने बेस चिकित्सालय को जल्द शुरू करने के संकेत दिए थे। इसके बाद नौ फरवरी स्वास्थ्य आर राजेश ने बेस अस्पताल का दौरा किया था और मेडिकल कॉलेज को जरूरी स्टाफ और चिकित्सक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
भारी विरोध के कारण मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा से 12 बांडधारी विशेषज्ञ चिकित्सकों को भेजने के आदेश स्वास्थ्य मंत्री ने दिए थे। चिकित्सकों और लोगों की नाराजगी को देखते हुए आदेश निरस्त करने पड़े थे। बेस अस्पताल में मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा ने 16 नर्सिंग अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग ने 10 चिकित्सकों को रोटेशन पर तैनात किया था लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के न आने के बाद बेस अस्पताल में मरीज उपचार के लिए नहीं जा रहे हैं।
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खून जांच के लिए भी लोगों को अगले दिन का इंतजार करना पड़ा है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य अरविंद बरोनिया ने बताया कि शासन स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती संभव है। मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा से 16 नर्सों की तैनात की गई है।
जिला अस्पताल लोगों के लिए बेहतर
पिथौरागढ़। बेस के बजाय जिला अस्पताल में लोग उपचार करना अधिक पसंद कर रहे हैं। जिले के एकमात्र चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मृगांक शुक्ला के ओपीडी बेस में करने से शनिवार को भीड़ रहती है जबकि अन्य दिनों में वहां बहुत कम मरीज आते हैं। हफ्ते में तीन दिन एकमात्र मनोचिकित्सक डॉ. ललित भट्ट मरीजों की ओपीडी मंगलवार, बृहस्पतिवार, शनिवार को बेस में करते हैं जबकि अन्य दिनों वह जिला अस्पताल में ओपीडी करते हैं। वहीं बेस में खून जांच चंदन डायग्नोस्टिक सेंटर करता है जिसकी रिपोर्ट अगले दिन मिलती है जबकि जिला अस्पताल में जांच रिपोर्ट एक दिन में ही मिल जाती है और जरूरी दवाएं भी बाजार से लेना उनके लिए आसान रहता है। ऐसे में मरीज बेस के बजाय अस्पताल में आना पसंद करते हैं। बस एकमात्र सीटी स्कैन और डायलिसिस के लिए मरीजों को बेस में जाना पड़ता है।
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बेस अस्पताल का संचालन हुए डेढ़ माह से अधिक का समय हो गया है। फिर भी सरकार यहां पर विशेषज्ञ चिकित्सकों को तैनात नहीं कर सकी है। आठ फरवरी को मुख्य सचिव ने बेस चिकित्सालय को जल्द शुरू करने के संकेत दिए थे। इसके बाद नौ फरवरी स्वास्थ्य आर राजेश ने बेस अस्पताल का दौरा किया था और मेडिकल कॉलेज को जरूरी स्टाफ और चिकित्सक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
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भारी विरोध के कारण मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा से 12 बांडधारी विशेषज्ञ चिकित्सकों को भेजने के आदेश स्वास्थ्य मंत्री ने दिए थे। चिकित्सकों और लोगों की नाराजगी को देखते हुए आदेश निरस्त करने पड़े थे। बेस अस्पताल में मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा ने 16 नर्सिंग अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग ने 10 चिकित्सकों को रोटेशन पर तैनात किया था लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के न आने के बाद बेस अस्पताल में मरीज उपचार के लिए नहीं जा रहे हैं।
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खून जांच के लिए भी लोगों को अगले दिन का इंतजार करना पड़ा है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य अरविंद बरोनिया ने बताया कि शासन स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती संभव है। मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा से 16 नर्सों की तैनात की गई है।
जिला अस्पताल लोगों के लिए बेहतर
पिथौरागढ़। बेस के बजाय जिला अस्पताल में लोग उपचार करना अधिक पसंद कर रहे हैं। जिले के एकमात्र चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मृगांक शुक्ला के ओपीडी बेस में करने से शनिवार को भीड़ रहती है जबकि अन्य दिनों में वहां बहुत कम मरीज आते हैं। हफ्ते में तीन दिन एकमात्र मनोचिकित्सक डॉ. ललित भट्ट मरीजों की ओपीडी मंगलवार, बृहस्पतिवार, शनिवार को बेस में करते हैं जबकि अन्य दिनों वह जिला अस्पताल में ओपीडी करते हैं। वहीं बेस में खून जांच चंदन डायग्नोस्टिक सेंटर करता है जिसकी रिपोर्ट अगले दिन मिलती है जबकि जिला अस्पताल में जांच रिपोर्ट एक दिन में ही मिल जाती है और जरूरी दवाएं भी बाजार से लेना उनके लिए आसान रहता है। ऐसे में मरीज बेस के बजाय अस्पताल में आना पसंद करते हैं। बस एकमात्र सीटी स्कैन और डायलिसिस के लिए मरीजों को बेस में जाना पड़ता है।