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आज च्यै, अलै च्यै डीडीहाट जिले च्यै
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आमरण अनशन स्थल में अनशनकारियों को महिलाएं और बुर्जग समर्थन देते हुए।
- फोटो : PITHORAGARH
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। डीडीहाट जिला बनाने की मांग के लिए चल रहा आमरण अनशन शनिवार को नवें दिन भी जारी रहा। जिला बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन के समर्थन में कई गीत गूंज रहे हैं। आंदोलनकारी आज चैं, अल्लै चैं डीडीहाट जिल्ल चैं और उठ खड़े हैं नौजवान आज जिले के लिए जैसे जन गीत गाकर डीडीहाट जिले की मांग कर रहे हैं।
अनशन स्थल पर शनिवार को कुमाऊंनी न्योली, छपेली का गायन हुआ। डीडीहाट जिले के लिए बनाए गए गीतों को भी कई लोग गा रहे हैं। कुमाऊंनी गायक गोविंद दिगारी, कैलाश कुमार, चंद्रप्रकाश, कविंद्र बिष्ट, अंकित कुमार, दीपक कुमार का कहना है कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन को भी गिर्दा जैसे गीतकारों ने अपने गीतों से चरम तक पहुंचाया था।
डीडीहाट जिले की मांग 1960 के दशक की है और गीतों में 1960 से लेकर 2021 तक के जिले के सफर को बेहतरीन ढंग से गीतकारों ने सजाया है। जिला बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक लवि कफलिया ने कहा कि इस आंदोलन को जनगीत भी नया स्वरूप देे रहे हैं।
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आमरण अनशन पर बैठे पूरन बोरा के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है। चार दिन से आमरण अनशन पर बैठे पूरन का वजन दो किलो से अधिक गिर गया है। प्रकाश बोरा के स्वास्थ्य में भी गिरावट दर्ज की गई है। कई महिलाएं और बुजुर्ग भी आमरण अनशन स्थल पर पहुंच कर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं।
डीडीहाट जिले का गठन ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए मददगार साबित होगा। डीडीहाट से लगातार हो रहे पलायन को रोकना है तो डीडीहाट को अतिशीघ्र जिला बनाना होगा।
- राजू बोरा।
डीडीहाट जिले के लिए किया जा रहा आमरण अनशन इस बार निर्णायक आंदोलन साबित होगा। इसके लिए सैकड़ों की संख्या में युवाओं की टीम आमरण अनशन के लिए तैयार है।
- सौरभ साह।
जिले की मांग हमारे बुजुर्गों के समय से उठती रही है। अब इसे पूरा करवाना हम युवाओं की जिम्मेदारी है। सरकार युवाओं की बात कर रही है तो सरकार को युवाओं की मांग पूरी करनी चाहिए।
-त्रिभुवन चौहान।
वर्ष 1960 के दशक से उठ रही जिले की मांग को सरकार जल्द पूरा करवाए। पिछले दशक में 15 अगस्त 2011 के दिन की गई जिले की घोषणा को पूरा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
-कमल मनौला।
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अनशन स्थल पर शनिवार को कुमाऊंनी न्योली, छपेली का गायन हुआ। डीडीहाट जिले के लिए बनाए गए गीतों को भी कई लोग गा रहे हैं। कुमाऊंनी गायक गोविंद दिगारी, कैलाश कुमार, चंद्रप्रकाश, कविंद्र बिष्ट, अंकित कुमार, दीपक कुमार का कहना है कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन को भी गिर्दा जैसे गीतकारों ने अपने गीतों से चरम तक पहुंचाया था।
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डीडीहाट जिले की मांग 1960 के दशक की है और गीतों में 1960 से लेकर 2021 तक के जिले के सफर को बेहतरीन ढंग से गीतकारों ने सजाया है। जिला बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक लवि कफलिया ने कहा कि इस आंदोलन को जनगीत भी नया स्वरूप देे रहे हैं।
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आमरण अनशन पर बैठे पूरन बोरा के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है। चार दिन से आमरण अनशन पर बैठे पूरन का वजन दो किलो से अधिक गिर गया है। प्रकाश बोरा के स्वास्थ्य में भी गिरावट दर्ज की गई है। कई महिलाएं और बुजुर्ग भी आमरण अनशन स्थल पर पहुंच कर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं।
डीडीहाट जिले का गठन ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए मददगार साबित होगा। डीडीहाट से लगातार हो रहे पलायन को रोकना है तो डीडीहाट को अतिशीघ्र जिला बनाना होगा।
- राजू बोरा।
डीडीहाट जिले के लिए किया जा रहा आमरण अनशन इस बार निर्णायक आंदोलन साबित होगा। इसके लिए सैकड़ों की संख्या में युवाओं की टीम आमरण अनशन के लिए तैयार है।
- सौरभ साह।
जिले की मांग हमारे बुजुर्गों के समय से उठती रही है। अब इसे पूरा करवाना हम युवाओं की जिम्मेदारी है। सरकार युवाओं की बात कर रही है तो सरकार को युवाओं की मांग पूरी करनी चाहिए।
-त्रिभुवन चौहान।
वर्ष 1960 के दशक से उठ रही जिले की मांग को सरकार जल्द पूरा करवाए। पिछले दशक में 15 अगस्त 2011 के दिन की गई जिले की घोषणा को पूरा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
-कमल मनौला।