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नए साल का जश्न मनाने खलियाटॉप पहुंचे पर्यटक की मौत
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मुनस्यारी(पिथौरागढ़)। अल्मोड़ा से दो युवक और तीन युवतियां नए साल का जश्न मनाने के लिए मुनस्यारी आए थे। सुबह अचानक एक युवक की तबियत खराब हुई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मुनस्यारी के खलियाटॉप में अत्यधिक ठंड की वजह से उसकी जान चली गई।
अल्मोड़ा से तीन युवक और दो युवतियां नए साल का जश्न मनाने के लिए खलिया भुजानि आए थे। युवक दीपक नेगी (24) पुत्र खीम सिंह नेगी निवासी अल्मोड़ा बड़ीबगीचा को सुबह साढे़ चार बजे सांस लेने में तकलीफ हुई। साथियों ने उसे भुजानि से एक नेपाली युवक की मदद से कंधे पर लादकर बलाति बैंड पहुंचाया, जहां से उसे शनिवार सुबह सात बजे 108 की मदद से मुनस्यारी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टर मोहसिन रजा ने युवक को मृत घोषित कर दिया। डॉ. मोहसिन रजा ने भी संभावना जताई है कि सांस रुकने की वजह अत्यधिक ठंड भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि युवक की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। थानाध्यक्ष मुनस्यारी विकास कुमार ने बताया कि पंचायतनामे की कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पिथौरागढ़ अस्पताल भेज दिया है। उन्होंने बताया कि मृतक युवक के परिवार को भी सूचना दे दी गई है।
माइनस 18 डिग्री तापमान में वन विभाग ने दे दी टेंट लगाने की अनुमति
मुनस्यारी( पिथौरागढ़)। पर्यटक की मौत की वजह ठंड बताई जा रही है। ऐसे में सवाल वन विभाग पर उठ रहे है कि माइनस 18 डिग्री तापमान में खलियाटॉप में पर्यटकों को टेंट लगाने की अनुमति कैसे दे दी गई। खलियाटॉप में 12 टेंट वन विभाग की अनुमति से जबकि 23 टेंट बिना अनुमति के लगाए गए थे। लोगों का कहना है कि अवैध तरीके से खलियाटॉप में टेंट लगाना वन विभाग की लापरवाही भरी कार्यशैली की ओर इशारा कर रहा है।
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समुद्रतल से 3500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित खलियाटॉप में थर्टी फस्ट और नए साल का जश्न मनाने के लिए लोग बड़ी संख्या में आते हैं। वन विभाग के अनुसार थर्टी फस्ट का जश्न मनाने के लिए 400 लोग खलियाटॉप गए हुए थे। 70 से ज्यादा लोग लौटकर मुनस्यारी आ गए। यहां पर्यटकों के लिए केएमवीएन के पास मात्र आठ कमरे का पर्यटक आवास गृह है। शेष पर्यटकों के लिए स्थानीय एजेंटों ने वन विभाग से टेंट लगाने की अनुमति ली थी। लोगों का कहना है कि खलियाटॉप में भारी बर्फ जमी हुई है। यहां तापमान माइनस 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। तापमान में इतनी गिरावट के बाद पर्यटकों को टेंट लगाने की अनुमति कैसे दे दी गई यह अहम सवाल है। सूत्रों के मुताबिक खलियाटॉप में 23 टेंट अवैध तरीके से लगाए गए थे। जबकि वन विभाग ने सिर्फ 12 टेंट लगाने की अनुमति दी थी। इतनी बड़ी तादाद में बुग्यालों में पर्यटकों की आवाजाही होना वन नियमों की धज्जियां उड़ाना है। लोगों का कहना है कि वन विभाग ने खलिया ट्रैकिंग रूट को पैसा वसूलने का अड्डा बनाए रखा है।
खलिया में सिर्फ 12 टैंट लगाने की अनुमति दी थी। अवैध तरीके से लगाए गए टैंटों की जानकारी नहीं है। इसकी जांच की जाएगी।
- लवराज सिंह पांगती, वन क्षेत्राधिकारी मुनस्यारी।
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अल्मोड़ा से तीन युवक और दो युवतियां नए साल का जश्न मनाने के लिए खलिया भुजानि आए थे। युवक दीपक नेगी (24) पुत्र खीम सिंह नेगी निवासी अल्मोड़ा बड़ीबगीचा को सुबह साढे़ चार बजे सांस लेने में तकलीफ हुई। साथियों ने उसे भुजानि से एक नेपाली युवक की मदद से कंधे पर लादकर बलाति बैंड पहुंचाया, जहां से उसे शनिवार सुबह सात बजे 108 की मदद से मुनस्यारी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टर मोहसिन रजा ने युवक को मृत घोषित कर दिया। डॉ. मोहसिन रजा ने भी संभावना जताई है कि सांस रुकने की वजह अत्यधिक ठंड भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि युवक की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। थानाध्यक्ष मुनस्यारी विकास कुमार ने बताया कि पंचायतनामे की कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पिथौरागढ़ अस्पताल भेज दिया है। उन्होंने बताया कि मृतक युवक के परिवार को भी सूचना दे दी गई है।
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माइनस 18 डिग्री तापमान में वन विभाग ने दे दी टेंट लगाने की अनुमति
मुनस्यारी( पिथौरागढ़)। पर्यटक की मौत की वजह ठंड बताई जा रही है। ऐसे में सवाल वन विभाग पर उठ रहे है कि माइनस 18 डिग्री तापमान में खलियाटॉप में पर्यटकों को टेंट लगाने की अनुमति कैसे दे दी गई। खलियाटॉप में 12 टेंट वन विभाग की अनुमति से जबकि 23 टेंट बिना अनुमति के लगाए गए थे। लोगों का कहना है कि अवैध तरीके से खलियाटॉप में टेंट लगाना वन विभाग की लापरवाही भरी कार्यशैली की ओर इशारा कर रहा है।
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समुद्रतल से 3500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित खलियाटॉप में थर्टी फस्ट और नए साल का जश्न मनाने के लिए लोग बड़ी संख्या में आते हैं। वन विभाग के अनुसार थर्टी फस्ट का जश्न मनाने के लिए 400 लोग खलियाटॉप गए हुए थे। 70 से ज्यादा लोग लौटकर मुनस्यारी आ गए। यहां पर्यटकों के लिए केएमवीएन के पास मात्र आठ कमरे का पर्यटक आवास गृह है। शेष पर्यटकों के लिए स्थानीय एजेंटों ने वन विभाग से टेंट लगाने की अनुमति ली थी। लोगों का कहना है कि खलियाटॉप में भारी बर्फ जमी हुई है। यहां तापमान माइनस 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। तापमान में इतनी गिरावट के बाद पर्यटकों को टेंट लगाने की अनुमति कैसे दे दी गई यह अहम सवाल है। सूत्रों के मुताबिक खलियाटॉप में 23 टेंट अवैध तरीके से लगाए गए थे। जबकि वन विभाग ने सिर्फ 12 टेंट लगाने की अनुमति दी थी। इतनी बड़ी तादाद में बुग्यालों में पर्यटकों की आवाजाही होना वन नियमों की धज्जियां उड़ाना है। लोगों का कहना है कि वन विभाग ने खलिया ट्रैकिंग रूट को पैसा वसूलने का अड्डा बनाए रखा है।
खलिया में सिर्फ 12 टैंट लगाने की अनुमति दी थी। अवैध तरीके से लगाए गए टैंटों की जानकारी नहीं है। इसकी जांच की जाएगी।
- लवराज सिंह पांगती, वन क्षेत्राधिकारी मुनस्यारी।