फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Death hangs over the village.... Peace of day in Devat, sleepless nights

Pithoragarh News: गांव के ऊपर लटकी मौत.... देवत में दिन का चैन, रातों की नींद उड़ी

Fri, 13 Feb 2026 11:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Fri, 13 Feb 2026 11:46 PM IST
विज्ञापन
Death hangs over the village.... Peace of day in Devat, sleepless nights
-पिथौरागढ़ के देवत गांव में बीते अगस्त महीने से घर के भीतर घुसा पहाड़ी से गिरा बोल्डर। फाइल फोट
पिथौरागढ़। देवभूमि का देवत गांव फिर देवताओं के भरोसे छोड़ दिया गया है। गांव के ऊपर सालों से कई बोल्डर लटके हैं जो आए दिन काल बनकर गांव तक पहुंच रहे हैं। एक बच्चे की मौत के सात महीने बाद भी पहाड़ी के ट्रीटमेंट के लिए जरूरी तकनीकी विशेषज्ञों की टीम नहीं पहुंची। सिर्फ वायर क्रेट दीवार (स्टील के जाल) लगाकर सिस्टम ने पल्ला झाड़ लिया। लोग दिन-रात पहाड़ी की ओर आशंका भरी नजरों से टकटकी लगाए रहते हैं।
विज्ञापन

नगर के नजदीक नैनीसैनी क्षेत्र का देवत गांव आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है। गांव के ऊपर पहाड़ी पर सालों से कई बोल्डर लटके हैं जो आए दिन काल बनकर गांव तक पहुंच रहे हैं। बीते अगस्त महीने में पहाड़ी से गिरे बोल्डर एक घर के भीतर घुस गए। इस घटना में बिस्तर में सो रहे 12 साल के बच्चे की मौत हो गई जबकि तीन लोग घायल हो गए। हर साल इस तरह की घटनाएं सामने आने से ग्रामीणों के लिए बगैर सुरक्षा के गांव में रहना मुश्किल हो गया है। आशंकाओं के बीच निगरानी करने में दिन का चैन और रातों की नींद उड़ गई है।
विज्ञापन

इस घटना के बाद पहाड़ी के ट्रीटमेंट के साथ ही सुरक्षा के दावे हुए। सभी दावे अब तक हवाई साबित हुए हैं। सिस्टम ने गांव के ऊपर कुछ वायरक्रेट दीवार लगाकर औपचारिकता निभा दी है। वहीं सात महीने बाद भी पहाड़ी के ट्रीटमेंट के लिए जरूरी तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गांव नहीं पहुंच सकी है। जून से आपदा काल शुरू होगा इसमें चार महीने से कम समय बचा है। इतने कम समय में पहाड़ी का ट्रीटमेंट कैसे होगा और गांव को कैसे सुरक्षा मिलेगी, ग्रामीण इस पर सवाल उठा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ब्लास्टिंग के जख्म नासूर बन गए
देवत गांव के पास कुछ वर्ष पूर्व तक खनन होता था। इसके लिए यहां अंधाधुंध ब्लास्टिंग की गई। पहाड़ को दिए गए जख्म अब नासूर बनकर फूट रहे हैं। इससे पहाड़ी टूटकर इसमें बोल्डर लटक गए। यही बोल्डर मानसून काल में कहर बनकर गांव में गिरते हैं।

वायरक्रेट दीवारें... समाधान नहीं, समस्या बन गईं
देवत के ग्रामीणों का कहना है वायरक्रेट दीवारों से सुरक्षा नहीं बल्कि खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के मुताबिक वायरक्रेट दीवारों से पत्थर बाहर निकलने लगे हैं। यदि पहाड़ी से छोटे बोल्डर भी गिरे तो सुरक्षा दीवार टूट जाएंगी। सुरक्षा दीवार के पत्थर की उनके लिए मुसीबत बनेंगे।

ग्रामीणों का दर्द...
हमारे गांव को अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। आए दिन पहाड़ी से बोल्डर काल बनकर गिर रहे हैं। इससे हमारे अपने मौत के मुंह में समा रहे हैं। पहाड़ी के ट्रीटमेंट के सिर्फ दावे किए गए। - संगीता देवी, प्रधान, देवत
कोट
हम शासन-प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए थक गए हैं। हमारी सुरक्षा से किसी को लेना-देना नहीं है। यदि ऐसा होता तो अब तक पहाड़ी का ट्रीटमेंट शुरू होता। वायरक्रेट दीवार लगाकर खानापूर्ति कर दी गई है। - हरीश बिष्ट, स्थानीय निवासी
कोट
घरों के भीतर जाने में भी डर लगता है। न जाने कब पहाड़ी से बोल्डर काल बनकर गिर जाएं। बोलडर गिरने से हमारे लोग काल के गाल में समा रहे हैं। न जाने सिस्टम कब नींद से जागेगा। - बबीता दयाल, स्थानीय निवासी
कोट
हम सालों से खौफ के साए में जी रहे हैं। हमारी सुरक्षा को पूरी तरह अनदेखा कर दिया गया है। सुरक्षा के नाम पर औपचारिकता निभाना गैरजिम्मेदारी है। इसकी कीमत हमें चुकानी पड़ रही है। - कैलाश राम, स्थानीय निवासी

कोट
देवत गांव में पहाड़ी का ट्रीटमेंट होना है। सुरक्षा के इंतजामों की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई है। यदि विभाग को जरूरत महसूस होगी तो आईआईटी सहित अन्य तकनीकी संस्थानों की टीम को बुलाया जाएगा। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए हरसंभव इंतजाम होंगे। - भूपेंद्र महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed