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Pithoragarh News: बोकांग-बालिंग परियोजना का सर्वे कार्य बंद करो
Tue, 21 Mar 2023 11:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 21 Mar 2023 11:56 PM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। दारमा संघर्ष समिति से जुड़े लोगों ने टीएचडीसी के प्रबंधक डीएस पंचपाल को ज्ञापन सौंपकर बोकांग-बालिंग परियोजना का सर्वे कार्य रोकने की मांग की है। साथ ही ऐसा नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
बता दें कि टीएचडीसी की ओर से दारमा घाटी के धौलीगंगा में बोकांग-बालिंग जल विद्युत परियोजना प्रस्तावित है। ग्रामीण परियोजना का विरोध कर रहे हैं। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि विगत पांच माह से संघर्ष समिति के नेतृत्व में दारमा के लोग सर्वे कार्य रोकने के लिए आवाज उठा रहे हैं। 20 फरवरी को क्षेत्र की जनता ने इस मामले में धारचूला में विशाल जुलूस निकालकर विरोध भी जताया।
उन्होंने कहा कि मांग नहीं माने जाने पर दारमा घाटी के सभी 14 गांवों के लोग अप्रैल में बांध स्थल पर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में संघर्ष समिति के संरक्षक नारायण सिंह दरियाल, नरेंद्र सिंह सेलाल, जीवन सिंह मार्छाल, संतोष फिरमाल, सुखराज सिंह, पूरन सिंह ग्वाल, प्रधान ममता नगन्याल, शांति सीपाल आदि मौजूद थे।
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छोटी-छोटी योजनाएं बनाएं
धारचूला (पिथौरागढ़)। नागलिंग के पूर्व प्रधान एवं समिति के सदस्य मनोज नगन्याल का कहना है कि दारमा घाटी पूर्व से आपदाग्रस्त क्षेत्र है। भविष्य में कहीं जोशीमठ जैसे हालात न हो जाएं। उन्होंने सरकार से छोटी-छोटी जल विद्युत योजनाएं बनाने की मांग की है।
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बता दें कि टीएचडीसी की ओर से दारमा घाटी के धौलीगंगा में बोकांग-बालिंग जल विद्युत परियोजना प्रस्तावित है। ग्रामीण परियोजना का विरोध कर रहे हैं। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि विगत पांच माह से संघर्ष समिति के नेतृत्व में दारमा के लोग सर्वे कार्य रोकने के लिए आवाज उठा रहे हैं। 20 फरवरी को क्षेत्र की जनता ने इस मामले में धारचूला में विशाल जुलूस निकालकर विरोध भी जताया।
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उन्होंने कहा कि मांग नहीं माने जाने पर दारमा घाटी के सभी 14 गांवों के लोग अप्रैल में बांध स्थल पर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में संघर्ष समिति के संरक्षक नारायण सिंह दरियाल, नरेंद्र सिंह सेलाल, जीवन सिंह मार्छाल, संतोष फिरमाल, सुखराज सिंह, पूरन सिंह ग्वाल, प्रधान ममता नगन्याल, शांति सीपाल आदि मौजूद थे।
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छोटी-छोटी योजनाएं बनाएं
धारचूला (पिथौरागढ़)। नागलिंग के पूर्व प्रधान एवं समिति के सदस्य मनोज नगन्याल का कहना है कि दारमा घाटी पूर्व से आपदाग्रस्त क्षेत्र है। भविष्य में कहीं जोशीमठ जैसे हालात न हो जाएं। उन्होंने सरकार से छोटी-छोटी जल विद्युत योजनाएं बनाने की मांग की है।