{"_id":"698f6b12cdb5f38f11028191","slug":"dantu-dugtu-and-nagling-villages-of-darma-valley-will-undergo-all-round-development-pithoragarh-news-c-230-1-pth1019-138176-2026-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: दारमा घाटी के दांतू, दुग्तू और नागलिंग गांवों का होगा सर्वांगीण विकास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: दारमा घाटी के दांतू, दुग्तू और नागलिंग गांवों का होगा सर्वांगीण विकास
Fri, 13 Feb 2026 11:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 13 Feb 2026 11:48 PM IST
विज्ञापन
दारमा घाटी का नागलिंग गांव। स्रोत: कविंद्र सिंह
पिथौरागढ़ । दारमा घाटी के वाइब्रेंट घोषित गांव दांतू, दुग्तू और नागलिंग का के सर्वांगीण विकास के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) ने 22 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे हैं। यदि यह कवायद रंग लाएगी तो आने वाले समय में घाटी के गांवों में पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे।
केएमवीएन के अवर अभियंता गिरीश चंद्र भट्ट ने बताया कि तीनों गांवों में रास्ते, पंचायत घर बनाए जाएंंगे। साथ ही गांवों को सोलर लाइट से जगमग किया जाएगा। गांवों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे का निर्माण किया जाएगा। गांवों में ओपन एयर थियेटर का निर्माण भी होगा। बता दें कि दारमा घाटी पंचाचूली दर्शन के लिए काफी प्रसिद्ध है। गांवों तक रोड पहुंचने से वहां पर्यटकों की तादात लगातार बढ़ती जा रही है। विगत वर्ष करीब सात हजार पर्यटक क्षेत्र में पहुंचे। होम स्टे संचालक जमन सिंह ने बताया कि सुविधाएं बढ़ने से पर्यटन की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं।
कोट
वाइबेंट घोषित गांवों में विकास के लिए कई प्लान बनाए गए हैं। शासन से स्वीकृति मिलते ही विकास के कार्य किए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध होगा। - डॉ. दीपक सैनी, मुख्य विकास अधिकारी पिथौरागढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
केएमवीएन के अवर अभियंता गिरीश चंद्र भट्ट ने बताया कि तीनों गांवों में रास्ते, पंचायत घर बनाए जाएंंगे। साथ ही गांवों को सोलर लाइट से जगमग किया जाएगा। गांवों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे का निर्माण किया जाएगा। गांवों में ओपन एयर थियेटर का निर्माण भी होगा। बता दें कि दारमा घाटी पंचाचूली दर्शन के लिए काफी प्रसिद्ध है। गांवों तक रोड पहुंचने से वहां पर्यटकों की तादात लगातार बढ़ती जा रही है। विगत वर्ष करीब सात हजार पर्यटक क्षेत्र में पहुंचे। होम स्टे संचालक जमन सिंह ने बताया कि सुविधाएं बढ़ने से पर्यटन की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं।
विज्ञापन
कोट
वाइबेंट घोषित गांवों में विकास के लिए कई प्लान बनाए गए हैं। शासन से स्वीकृति मिलते ही विकास के कार्य किए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध होगा। - डॉ. दीपक सैनी, मुख्य विकास अधिकारी पिथौरागढ़
विज्ञापन