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खतरे की जद में आया देकुना का रांतू तोक
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी
Updated Thu, 12 Jul 2018 10:46 PM IST
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देकुना गांव के रांतू तोक में खतरे की जद में आया मकान
- फोटो : अमर उजाला
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देकुना गांव का रांतू तोक अतिवृष्टि के चलते खतरे की जद में आ गया है। यहां दो परिवारों को गंभीर खतरा बना है। गांव जाने वाली पैदल पुलिया बह गई है। गांव के ऊपर से होकरा को जाने वाली 75 मीटर सड़क का नामोनिशान मिट गया है। ग्रामीणों के धान के खेत भी तबाह हो गए हैं।
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देकुना गांव के रांतू तोक को दो दिन पहले की अतिवृष्टि से गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। गांव में 11 परिवार रहते हैं। नीचे से उफनाई रामगंगा तो ऊपर से रांतू गधेरे से गांव को नुकसान पहुंच रहा है। नदी ने ऊपर की ओर गांव की जमीन को काट दिया है। इससे गोकर्ण सिंह का मकान खतरे की जद में आ गया है। गांव को जाने वाली पैदल पुलिया बह गई है। इसी गांव के लाछुली तोक में मनोज सिंह का चार कमरों का मकान खतरे की जद में है। दो कमरे अतिवृष्टि की भेंट चढ़ गए हैं।
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मसूरी नगर में प्रताप सिंह के धान के खेत मलबे से पटे हैं। महिमन सिंह का शौचालय ध्वस्त हो गया है। देकुना और रांतू गांव की पेयजल योजना का स्रोत ध्वस्त होने से ग्रामीणों के समक्ष पानी का भी संकट खड़ा हो गया है। सड़क और पुलिया ध्वस्त होने से ग्रामीणों को काफी दूर पैदल चलकर नाचनी पहुंचना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता मंगल सिंह ने गांव में हुए नुकसान की जानकारी पट्टी पटवारी तेजम को दी है।
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