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करोड़ों की इमारत, रत्तीभर का इलाज नहीं

Mon, 14 May 2018 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे मदकोट (पिथौरागढ़)।
अमर उजाला ब्यूराे मदकोट (पिथौरागढ़)। Updated Mon, 14 May 2018 11:37 PM IST
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Crores of buildings, no treatment for rocks
मदकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य द्वार। - फोटो : अमर उजाला
 चार विधानसभा सीटों वाले इस जिले से कांग्रेस के इकलौते विधायक हरीश धामी के गृह नगर मदकोट का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मरीजों के साथ भद्दा मजाक कर रहा है। कई करोड़ रुपये की इमारत होने के बावजूद इस अस्पताल में इलाज की रत्तीभर सुविधा नहीं है। अल्ट्रासाउंड सुविधा या एक्सरे मशीन तो दूर, एक डॉक्टर भी अस्पताल में नहीं है। पहली बार 25 अप्रैल को अस्पताल को एक डॉक्टर मिला, लेकिन उन्हें भी सोमवार यहां से मुनस्यारी संबद्ध कर दिया गया है।
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2005 से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में अस्तित्व में आए मदकोट को 2015 में उच्चीकृत कर सीएचसी बनाया गया। पर उच्चीकृत होने के बावजूद सुविधाएं नहीं बढ़ी। यहां अल्ट्रासाउंड मशीन तो दूर, एक्सरे तक की व्यवस्था नहीं है। पैथोलॉजी विभाग नहीं होने से अस्पताल में एक अदद खून की जांच का भी अभी इंतजार है। 10 डॉक्टरों के सृजित पदों के सापेक्ष इस वक्त एक भी डॉक्टर नहीं है। पहली बार 25 मई 2018 को डॉक्टर दिनेश चंदोला के रूप में अस्पताल को पूर्णकालिक चिकित्सक मिले। मगर उन्हें 19 दिन बाद यहां से 22 किमी दूर मुनस्यारी के अस्पताल में संबद्ध कर दिया गया। अब पूरा अस्पताल एक फार्मेसिस्ट के जिम्मे है। अलबत्ता एक आयुर्वेदिक चिकित्सक यहां जरूर है। इन सबके चलते क्षेत्र के हजारों लोगों को इलाज के लिए 111 किमी दूर पिथौरागढ़ जिला अस्पताल जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। अधिक दूरी और वक्त पर इलाज नहीं मिलने से हर साल काफी लोगों की अकाल मौत हो जाती है।  
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17 ग्राम पंचायतों के 11 हजार लोग हो रहे प्रभावित  
मदकोट अस्पताल पर 17 ग्राम पंचायतों की 11 हजार से अधिक आबादी आश्रित है। मदकोट, चौना, कनलका, जौसा, मानीटुंडी, गैला, राप्थी, वल्थी, बौना, तोमिक, गोलफा, टांगा, मिर्तोली, रिंगू, चिलकोट, उच्चैती और फापा के ग्रामीणों के लिए ये सफेद हाथी साबित हो रहा है।  
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कोट  
पीपीपी से सरकारी स्वामित्व में आए मुनस्यारी अस्पताल की व्यवस्था को सामान्य करने के लिए मदकोट के डॉक्टर को मुनस्यारी भेजा गया है। चिकित्सकों की तैनाती होते ही उन्हें वापस मदकोट भेजा जाएगा। साथ ही मदकोट की अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु करने के लिए उच्चाधिकारियों से रिक्त पदों को भरने का आग्रह किया जा रहा है।  
डॉ.उषा गुंज्याल,  
मुख्य चिकित्साधिकारी, पिथौरागढ़।  
कोट  
भाजपा सरकार मेरी विधानसभा क्षेत्र को जानबूझकर टारगेट कर रही है। मदकोट मेरा गृह क्षेत्र है, इसलिए यहां के डॉक्टर को दूसरी जगह संबद्ध किया गया है। इससे पहले भी धारचूला सीएचसी से एक सर्जन का स्थानांतरण किया गया।  

हरीश धामी, विधायक, धारचूला।  
कोट  
एक सप्ताह के भीतर मदकोट के चिकित्सक को वापस मदकोट नहीं लाया गया, तो यहां के लोग सीएमओ कार्यालय में धरना देकर विरोध जताएंगे। साथ ही अस्पताल की व्यवस्था को लेकर भी चरणबद्ध तरीके से आवाज उठाई जाएगी।  

ब्लाक प्रतिनिधि, प्रभारी मंत्री।
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