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हाट कालिका मंदिर में चोरों का धावा

Sun, 24 Sep 2017 10:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गंगोलीहाट
ब्यूरो/अमर उजाला, गंगोलीहाट Updated Sun, 24 Sep 2017 10:08 PM IST
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Thieves run into haat kalika temple
दानपात्र की चोरी के बाद महाकाली मंदिर में थाना प्रभारी को निर्देश देते एसपी अजय जोशी - फोटो : अमर उजाला

आस्था के धाम हाट कालिका के दरबार से चोरों ने मंदिर समिति का दानपात्र चुरा लिया है। दानपात्र में डेढ़ से दो लाख रुपये होने की संभावना जताई जा रही है। रकम इससे अधिक भी हो सकती है। घटना की जानकारी मिलने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस चोरों की खोजबीन में जुट गई है।

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रविवार तड़के चार बजे जब मंदिर के पंडित और पुजारी समुदाय के लोग मंदिर के किवाड़ खोलने पहुंचे तो मंदिर के बरामदे पर रखा लोहे का दानपात्र गायब था। मंदिर के मुख्य गेट का ताला सुरक्षित था। दानपात्र को मंदिर के बरामदे पर बने भोग कक्ष के रास्ते ले जाने की आशंका है। चोरी की सूचना पर थानाध्यक्ष केआर आर्या के नेतृत्व में पुलिस टीम मंदिर पहुंची। पुलिस ने पुजारी समुदाय के लोगों के साथ मंदिर के आसपास के क्षेत्र में दानपात्र की तलाश की। दानपात्र करीब 60 किलो वजनी था। उसे दूर तक ले जाना संभव नहीं है। आशंका है कि दानपात्र को खंगालने के बाद चोरों ने दानपात्र को मंदिर से नीचे खाई में लुढ़का दिया होगा। चोरी की घटना में एक से अधिक लोगों के शामिल होने का भी अंदेशा है। मंदिर परिसर में रात्रि को एक साधु और मंदिर के पंडित रहते है। इन लोगों ने किसी तरह की आहट नहीं सुनी। बताया जा रहा है कि रात 10 बजे तक बाबा सोये नहीं थे। घटना उसके बाद ही हुई है।
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वहीं, मंदिर समिति के अध्यक्ष देब सिंह रावल ने चोरों के खिलाफ गंगोलीहाट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मंदिर दर्शन को पहुंचे पुलिस अधीक्षक अजय जोशी ने भी घटना की जानकारी हासिल की। उन्होंने थानाध्यक्ष को घटना का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए। थानाध्यक्ष ने कहा कि जल्द ही चोर पुलिस की गिरफ्त में होंगे। मंदिर कमेटी के लोगों ने बताया कि दानपात्र को नोटबंदी के बाद दिसंबर में खोला गया था। उसके बाद से दानपात्र नहीं खोला गया था। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि डेढ़ से दो लाख रुपये की रकम दानपात्र में हो सकती है। यह भी कहा जा रहा है कि दानपात्र चुराने वालों को दानपात्र के लंबे समय से न खुलने की बात मालूम होगी। उधर, आस्था के धाम में चोरी की घटना से लोगों में गुस्सा है। लोग मामले का शीघ्र खुलासा चाहते हैं।
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करीब 40 साल पहले भी हुई थी चोरी
महाकाली मंदिर में करीब 40 साल बाद चोरी हुई है। इससे पहले 70 के दशक में मंदिर की शक्ति (यंत्र) में मढ़ा गया चांदी चोरी हो गया था। राजस्व पुलिस ने काफी खोजबीन की, लेकिन घटना का खुलासा नहीं हुआ। तब शक्ति में चांदी के स्थान पर तांबा मढ़ा गया था, जो अब तक उसी स्थिति में है।

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