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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Inner line to remove China from the border of the people on the street

इनर लाइन चीन सीमा से हटाने के लिए सड़क पर उतरे लोग

Wed, 30 Dec 2015 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,धारचूला /पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला,धारचूला /पिथौरागढ़ Updated Wed, 30 Dec 2015 10:45 PM IST
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Inner line to remove China from the border of the people on the street

इनर लाइन चीन सीमा के पास छियालेख से हटाकर फिर जौलजीबी करने की मांग को लेकर बुधवार को सीमा जन कल्याण समिति के बैनर तले लोग धारचूला में सड़कों पर उतर आए। सीमांत के कई क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने चीन सीमा के पास इनर लाइन होने को सीमांत क्षेत्र के साथ ही देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इसे छियालेख से हटाने की पुरजोर मांग की। 1998 तक इनर लाइन धारचूला-जौलजीबी में थी, अब धारचूला से 65 किमी आगे सीमा की ओर छियालेख में है।

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धारचूला में इनर लाइन के मुद्दे पर बुधवार को प्रदर्शन की घोषणा के चलते सुबह से ही लोगों का धारचूला पहुंचना शुरू हो गया था। देखते ही देखते जौलजीबी, बलुवाकोट, रांथी, जुम्मा, खेला, पांगला, जिप्ती से सैकड़ों लोग धारचूला पहुंच गए। लोनिवि गेस्ट हाउस में एकत्र लोगों ने समिति के प्रदेश मंत्री महेंद्र बुदियाल और रं कल्याण संस्था के अध्यक्ष अशोक नबियाल के नेतृत्व में सभा की और फिर तहसील कार्यालय तक जुलूस निकाला। तहसील परिसर में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार फिर से इनर लाइन जौलजीबी में स्थापित नहीं करती है तो जनांदोलन किया जाएगा। तहसीलदार इंद्र बहादुर मल्ल के माध्यम से गृह मंत्री राजनाथ सिंह को ज्ञापन भेजा।
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 प्रदर्शन में 75 वर्षीय कुसुम देवी, 75 वर्षीय शिक्षाविद् द्रौपदी गर्ब्याल, वीरेंद्र नपलच्याल, राधा मर्तोलिया, श्वेता नबियाल, विशन सिंह धामी, जनक सिंह बिष्ट, अर्चना गुंज्याल, पूर्व पालिकाध्यक्ष सावित्री गर्ब्याल, सुरेंद्र खड़ायत, सनम नबियाल, राज्य आंदोलनकारी दीवान गुंयाल, लक्ष्मी रायपा, ईश्वर प्रसाद, पूरन धामी, गंगोत्री कार्की, सुरेती देवी, गगन पतियाल, देवी दत्त उपाध्याय, ओपी कापड़ी, लीला बनग्याल समेत करीब 400 लोग शामिल थे।   
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25000 लोग भेजेंगे ज्ञाप
सीमा जन कल्याण समिति के नेतृत्व में लामबंद लोग इनर लाइन छियालेख से हटाकर फिर से जौलजीबी में स्थापित करने की मांग को लेकर 25000 हस्ताक्षरों से युक्त ज्ञापन प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजेंगे। समिति के लोगों ने बताया कि अब तक संयुक्त हस्ताक्षरित ज्ञापन में 22000 लोगों के हस्ताक्षर हो चुके हैं।


डीडीहाट, पिथौरागढ़ के एसडीएम देते थे अनुमति
1998 से पहले जब इनर लाइन जौलजीबी में थी तो जौलजीबी में लोगों की चेकिंग होती थी। जिले से बाहर के लोगों को जौलजीबी से आगे प्रवेश के लिए एसडीएम डीडीहाट और एसडीएम पिथौरागढ़ से अनुमति लेनी पड़ती थी, अब कोई भी व्यक्ति बेरोकटोक छियालेख तक जा सकता है।

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