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स्वास्थ्य शिविर में पैसे ऐंठने में एनजीओ संदेह के घेरे में आया
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गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। एक स्वयंसेवी संस्था का स्वास्थ्य शिविर विवादों में घिर गया है। शिविर में दवा और जांच के नाम पर दाम वसूलने के बाद लोगों ने इसकी सूचना संयुक्त मजिस्ट्रेट को दी। इसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पर्वतीय सेवार्थ समिति नथुवावाला देहरादून ने शुक्रवार को गणाईगंगोली में स्वास्थ्य शिविर लगाया था। स्वास्थ्य शिविर लगाने से पहले क्षेत्र में पर्चे बांटे गए थे। पर्चों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अनुमति प्राप्त लिखा गया था साथ ही डॉक्टरों के नाम लिखे गए थे, लेकिन इस पर्चे पर संस्था का नाम नहीं लिखा था। समिति के शिविर में जब लोगों से दवा और जांच के रुपये लिए जाने लगे तो लोगों ने शिकायत फोन के माध्यम से गंगोलीहाट के संयुक्त मजिस्ट्रेट सौरभ गहरवाल को दी।
संयुक्त मजिस्ट्रेट के निर्देश पर गणाईगंगोली तहसील से राजस्व निरीक्षक रमेश गिरी गोस्वामी, राजस्व उप निरीक्षक डेविड मर्तोलिया, मदन मोहन जोशी, मनीष पुरोहित मौके पर पहुंचे। इन लोगों ने संस्था रजिस्ट्रेशन संबंधी कागजात कब्जे में लेकर संयुक्त मजिस्ट्रेट को भेज दिए हैं। रजिस्ट्रेशन पत्र में संस्था का नाम पर्वतीय सेवार्थ समिति लिखा गया है। आरोप है कि संस्था ने लोगों से 200, 400 से 1000 रुपये तक वसूले हैं। संयुक्त मजिस्ट्रेट गहरवाल ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
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शिविर की जानकारी चिकित्सा अधिकारी को दे दी है: संस्था
पर्वतीय सेवार्थ समिति के जिला प्रभारी गोविंद सिंह रावत का कहना है कि संस्था पंजीकृत है। शिविर लगाने के लिए पूरे राज्य के सभी जिला आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारियों को अवगत कराया गया है। कच्चे बिल देने के संबंध में कहना था कि समिति जीएसटी वाले बिल देती है। बिल बुक समाप्त हो रही होगी, इसलिए कच्चा बिल दिया होगा।
पर्वतीय सेवार्थ समिति की ओर से स्वास्थ्य शिविरों के लिए किसी प्रकार की अनुमति लेने की बात उनके संज्ञान में नहीं है। इस तरह से शिविर लगाए जा रहे हैं तो, वह अपने स्तर से भी इसकी छानबीन करेंगे।
डॉ. आरपी सिंह जिला आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी पिथौरागढ़
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पर्वतीय सेवार्थ समिति नथुवावाला देहरादून ने शुक्रवार को गणाईगंगोली में स्वास्थ्य शिविर लगाया था। स्वास्थ्य शिविर लगाने से पहले क्षेत्र में पर्चे बांटे गए थे। पर्चों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अनुमति प्राप्त लिखा गया था साथ ही डॉक्टरों के नाम लिखे गए थे, लेकिन इस पर्चे पर संस्था का नाम नहीं लिखा था। समिति के शिविर में जब लोगों से दवा और जांच के रुपये लिए जाने लगे तो लोगों ने शिकायत फोन के माध्यम से गंगोलीहाट के संयुक्त मजिस्ट्रेट सौरभ गहरवाल को दी।
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संयुक्त मजिस्ट्रेट के निर्देश पर गणाईगंगोली तहसील से राजस्व निरीक्षक रमेश गिरी गोस्वामी, राजस्व उप निरीक्षक डेविड मर्तोलिया, मदन मोहन जोशी, मनीष पुरोहित मौके पर पहुंचे। इन लोगों ने संस्था रजिस्ट्रेशन संबंधी कागजात कब्जे में लेकर संयुक्त मजिस्ट्रेट को भेज दिए हैं। रजिस्ट्रेशन पत्र में संस्था का नाम पर्वतीय सेवार्थ समिति लिखा गया है। आरोप है कि संस्था ने लोगों से 200, 400 से 1000 रुपये तक वसूले हैं। संयुक्त मजिस्ट्रेट गहरवाल ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
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शिविर की जानकारी चिकित्सा अधिकारी को दे दी है: संस्था
पर्वतीय सेवार्थ समिति के जिला प्रभारी गोविंद सिंह रावत का कहना है कि संस्था पंजीकृत है। शिविर लगाने के लिए पूरे राज्य के सभी जिला आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारियों को अवगत कराया गया है। कच्चे बिल देने के संबंध में कहना था कि समिति जीएसटी वाले बिल देती है। बिल बुक समाप्त हो रही होगी, इसलिए कच्चा बिल दिया होगा।
पर्वतीय सेवार्थ समिति की ओर से स्वास्थ्य शिविरों के लिए किसी प्रकार की अनुमति लेने की बात उनके संज्ञान में नहीं है। इस तरह से शिविर लगाए जा रहे हैं तो, वह अपने स्तर से भी इसकी छानबीन करेंगे।
डॉ. आरपी सिंह जिला आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी पिथौरागढ़