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पुलिस ने लावारिश भटक रही बंगाली महिला परिजनों को सौंपी
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पिथौरागढ़। छोटी बच्ची के साथ भटक रही पश्चिम बंगाल की गुमशुदा महिला को पुलिस ने उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। निर्धन परिवार की महिला के परिजनों के लिए 5600 रुपये की आर्थिक सहायता भी जुटाई।
14 मई को तल्लाबगढ़ क्षेत्र के लोगों ने एक अनजान महिला के दस माह की बच्ची के साथ भटकने की सूचना अस्कोट पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष मो.आसिफ खान ने इस मामले से डीडीहाट एसडीएम को अवगत कराते हुए नारी निकेतन पिथौरागढ़ भेजने का आग्रह किया। महिला को अस्कोट से डीडीहाट ले जाते समय ओगला चौकी में वीवीआईपी ड्यूटी में चमोली जा रहे धारचूला पुलिस उपाधीक्षक विमल कुमार आचार्य ने महिला से बंगला भाषा में बात की तो उसने अपना नाम सरस्वती चूनगर पत्नी उत्तम चूनगर उम्र 26 वर्ष निवासी गोरा पगडा जिला वर्धमान, पश्चिम बंगाल बताया। इस पर सीओ आचार्य ने वर्धमान जिले के थानाध्यक्ष से फोन पर वार्ता की।
पुलिस अधीक्षक आरसी राजगुरु के निर्देश पर थानाध्यक्ष ओगला प्रकाश पांडेय ने एसओ वर्धमान से उस महिला की बात करवाई तो महिला ने अपने थाने का नाम नार्दनघाट पश्चिम बंगाल बताया। इसके बाद थानाध्यक्ष सुदीप्ता मुखर्जी से बात करने पर पता चला कि इस महिला की उनके थाने में गुमशुदगी दर्ज की गई है। रविवार को हल्द्वानी पहुंचे महिला के परिजनों के पास किराए के रुपये नहीं होने पर हल्द्वानी पुलिस ने उनके लिए व्यवस्था की।
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पिथौरागढ़ पहुंचे महिला के पति उत्तम चूनगर और सरस्वती की माता बकुली देवनाथ पत्नी सजत देवनाथ के भोजन और रहने का प्रबंध सिल्थाम चौकी पुलिस ने किया। सोमवार को महिला को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया और उन्हें 5600 की सहायता राशि प्रदान की।
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14 मई को तल्लाबगढ़ क्षेत्र के लोगों ने एक अनजान महिला के दस माह की बच्ची के साथ भटकने की सूचना अस्कोट पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष मो.आसिफ खान ने इस मामले से डीडीहाट एसडीएम को अवगत कराते हुए नारी निकेतन पिथौरागढ़ भेजने का आग्रह किया। महिला को अस्कोट से डीडीहाट ले जाते समय ओगला चौकी में वीवीआईपी ड्यूटी में चमोली जा रहे धारचूला पुलिस उपाधीक्षक विमल कुमार आचार्य ने महिला से बंगला भाषा में बात की तो उसने अपना नाम सरस्वती चूनगर पत्नी उत्तम चूनगर उम्र 26 वर्ष निवासी गोरा पगडा जिला वर्धमान, पश्चिम बंगाल बताया। इस पर सीओ आचार्य ने वर्धमान जिले के थानाध्यक्ष से फोन पर वार्ता की।
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पुलिस अधीक्षक आरसी राजगुरु के निर्देश पर थानाध्यक्ष ओगला प्रकाश पांडेय ने एसओ वर्धमान से उस महिला की बात करवाई तो महिला ने अपने थाने का नाम नार्दनघाट पश्चिम बंगाल बताया। इसके बाद थानाध्यक्ष सुदीप्ता मुखर्जी से बात करने पर पता चला कि इस महिला की उनके थाने में गुमशुदगी दर्ज की गई है। रविवार को हल्द्वानी पहुंचे महिला के परिजनों के पास किराए के रुपये नहीं होने पर हल्द्वानी पुलिस ने उनके लिए व्यवस्था की।
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पिथौरागढ़ पहुंचे महिला के पति उत्तम चूनगर और सरस्वती की माता बकुली देवनाथ पत्नी सजत देवनाथ के भोजन और रहने का प्रबंध सिल्थाम चौकी पुलिस ने किया। सोमवार को महिला को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया और उन्हें 5600 की सहायता राशि प्रदान की।