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Pithoragarh News: तीन साल पहले बने क्लॉक टावर की दीवार में आई दरार, बढ़ा खतरा
Fri, 10 Jul 2026 10:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 10 Jul 2026 10:57 PM IST
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पिथौरागढ़। नगर में करीब तीन वर्ष पूर्व ही 55 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से बनकर तैयार हुआ क्लॉक टावर अब हादसों को दावत दे रहा है। महज इतने कम समय में ही टावर की दीवारों पर गहरी दरारें उभर आई हैं और बाहर लगी पत्थरनुमा टाइल्स टूटकर गिरने लगी हैं। इस निर्माण की खस्ताहाल स्थिति अब सीधे तौर पर इसकी निर्माण गुणवत्ता और सरकारी धन के सदुपयोग पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।
नगर को सुंदर बनाने के साथ ही पर्यटक स्थल विकसित करने के उद्देश्य से 2021-22 में टकाना तिराहे पर क्लॉक टावर का निर्माण किया गया। इसमें 54.88 लाख रुपये खर्च कर इसे स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए आकर्षण के केंद्र और नगर की शान बताया। जिले के लोगों के लिए यह आकर्षण का केंद्र भी बना। वर्तमान में भी इसे देखने और इसके परिसर में बैठकर समय गुजारने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
क्लॉक टावर के आसपास के इलाकों से लोग खासकर महिलाएं छोटे बच्चों को साथ लाकर शाम के समय यहां आती हैं। अब यहां पहुंचे लोगों को सावधानी बरतनी होगी। ऐसा इसलिए कि लाखों से बने क्लॉक टावर के सबसे निचले हिस्से की दीवार में बड़ी दरार आई है। इसकी बाहरी दीवार पर लगाई गईं टाइल्स भी गिरने लगी हैं। ऐसे में यह टावर हादसे का कारण बन सकता है। इन हालात में टावर की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में आ गई है।
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मामला अभी संज्ञान में नहीं आया है। यदि दरार आई है तो जांच करवाकर उसे तुरंत ठीक करवाया जाएगा। -पंकज कुमार, अधिशासी -अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, पिथौरागढ़
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नगर को सुंदर बनाने के साथ ही पर्यटक स्थल विकसित करने के उद्देश्य से 2021-22 में टकाना तिराहे पर क्लॉक टावर का निर्माण किया गया। इसमें 54.88 लाख रुपये खर्च कर इसे स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए आकर्षण के केंद्र और नगर की शान बताया। जिले के लोगों के लिए यह आकर्षण का केंद्र भी बना। वर्तमान में भी इसे देखने और इसके परिसर में बैठकर समय गुजारने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
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क्लॉक टावर के आसपास के इलाकों से लोग खासकर महिलाएं छोटे बच्चों को साथ लाकर शाम के समय यहां आती हैं। अब यहां पहुंचे लोगों को सावधानी बरतनी होगी। ऐसा इसलिए कि लाखों से बने क्लॉक टावर के सबसे निचले हिस्से की दीवार में बड़ी दरार आई है। इसकी बाहरी दीवार पर लगाई गईं टाइल्स भी गिरने लगी हैं। ऐसे में यह टावर हादसे का कारण बन सकता है। इन हालात में टावर की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में आ गई है।
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मामला अभी संज्ञान में नहीं आया है। यदि दरार आई है तो जांच करवाकर उसे तुरंत ठीक करवाया जाएगा। -पंकज कुमार, अधिशासी -अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, पिथौरागढ़