{"_id":"63fe438e7596b5a40007c5d5","slug":"court-punishment-fine-crime-pithoragarh-news-c-8-1-68463-2023-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: जबरन शारीरिक संबंध बनाने के दोषी को 10 साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: जबरन शारीरिक संबंध बनाने के दोषी को 10 साल की कैद
Tue, 28 Feb 2023 11:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 28 Feb 2023 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। 9वीं की छात्रा को बहला फुसलाकर ले जाने और जबरन शारीरिक संबंध बनाने के मामले में दोष सिद्ध करते हुए विशेष सत्र न्यायाधीश सहदेव सिंह ने आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास और 11,500 के जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार वर्ष 2020 में आरोपी गोपाल सिंह 9वीं में पढ़ने वाली एक छात्रा को बहला फुसलाकर टनकपुर ले गया। वहां उसे एक होटल में रखा और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इस मामले में पीड़िता के परिजनों की ओर से जाजरदेवल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। यह मामला विशेष सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में चला।
सुनवाई के बाद दोष सिद्ध करते हुए विशेष सत्र न्यायाधीश सहदेव सिंह ने गोपाल सिंह को आईपीसी की धारा 363 में एक साल का कारावास, पांच सौ रुपये जुर्माना, धारा 366 (क) में तीन साल का कठोर कारावास, एक हजार रुपये का जुर्माना और आईपीसी की धारा 376(2) (ढ) में दस साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माने की राशि से 10 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विशेष सत्र न्यायाधीश ने पीड़िता के पक्ष में आपराधिक घटना के कारण हुई क्षतिपूर्ति के लिए पांच लाख रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए जाने का आदेश राज्य सरकार को भी दिया है। मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पंत और प्रेम भंडारी ने की।
विज्ञापन
मामले के अनुसार वर्ष 2020 में आरोपी गोपाल सिंह 9वीं में पढ़ने वाली एक छात्रा को बहला फुसलाकर टनकपुर ले गया। वहां उसे एक होटल में रखा और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इस मामले में पीड़िता के परिजनों की ओर से जाजरदेवल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। यह मामला विशेष सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में चला।
विज्ञापन
सुनवाई के बाद दोष सिद्ध करते हुए विशेष सत्र न्यायाधीश सहदेव सिंह ने गोपाल सिंह को आईपीसी की धारा 363 में एक साल का कारावास, पांच सौ रुपये जुर्माना, धारा 366 (क) में तीन साल का कठोर कारावास, एक हजार रुपये का जुर्माना और आईपीसी की धारा 376(2) (ढ) में दस साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माने की राशि से 10 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विशेष सत्र न्यायाधीश ने पीड़िता के पक्ष में आपराधिक घटना के कारण हुई क्षतिपूर्ति के लिए पांच लाख रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए जाने का आदेश राज्य सरकार को भी दिया है। मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पंत और प्रेम भंडारी ने की।