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Pithoragarh News: तरक्की के रास्ते पर भ्रष्टाचार के गड्ढे, करोड़ों का डामर दो साल में उखड़ा

Thu, 23 Oct 2025 10:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 23 Oct 2025 10:35 PM IST
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Corruption pits the path to progress, asphalt worth crores crumbled in two years
बदहाल घोरपट्टा-बर्नियागांवमोटर मार्ग। संवाद 
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। विकास के नाम पर करोड़ों की लागत से बनी घोरपट्टा-बर्नियागांव मोटर सड़क अब भ्रष्टाचार की मिसाल बन गई है। जिस डामर ने गांवों को तरक्की की राह से जोड़ना था, वही दो साल में उखड़कर गड्ढों में तब्दील हो गया। आलम यह है कि घोरपट्टा, कवाधार, सेला और बर्नियागांव के करीब पांच हजार लोग रोज अपनी जान जोखिम में डालकर इस सड़क पर सफर करने को मजबूर हैं।
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वर्ष 2008 में लोक निर्माण विभाग ने आठ किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण शुरू किया था। वर्ष 2017 में कटिंग पूरी हुई और वर्ष 2022 में 403.46 लाख रुपये की लागत से डामरीकरण किया गया। करोड़ों का यह डामर धीरे-धीरे उखड़ने लगा और पिछले दो साल में सड़क पूरी तरह बर्बाद हो गई। अब यह सड़क जगह-जगह से धंस चुकी है। इसमें वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं।
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ग्रामीणों का कहना है कि यह गुणवत्ता में भारी लापरवाही और सरकारी धन का दुरुपयोग है। लोगों ने मामले की जांच और सड़क के दोबारा डामरीकरण की मांग की है।



706 पैरापिट में बने सिर्फ 80



इस सड़क पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए 706 पैरापिट बनाए जाने थे, लेकिन हकीकत में सिर्फ 80 पैरापिट ही बने। बाकी सैकड़ों पैरापिट कागजों में ही रह गए। बिना पैरापिट की इस सड़क पर हर मोड़ पर दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
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ग्रामीणों का गुस्सा



रोजाना गड्ढों से पटी सड़क पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। बार-बार समस्या बताने के बाद भी समाधान नहीं हो रहा है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद डामर एक महीने ही टिका जो गंभीर लापरवाही है। - गणेश कुमार, बर्नियागांव

ग्रामीणों की यात्रा सुगम हो, इसके लिए सड़क बनाई गई थी लेकिन इस सड़क पर किया गया डामर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। हालात यह हैं कि वाहन तो दूर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। मामले की जांच कर फिर से सड़क पर डामरीकरण होना चाहिए। - प्रेम दासपा, धामीकूड़ा

आरटीआई के तहत सड़क निर्माण की सूचना मांगी थी। डामर के नाम पर करोड़ों खर्च करने के बाद भी सड़क गड्ढों से पटी है। सड़क की हालत से पता चलता है कि निर्माण में धन का दुरुपयोग हुआ है। इसकी जांच होनी चाहिए। - राजेंद्र सिंह दासपा, अध्यक्ष, गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन

कोट



करोड़ाें खर्च करने के बाद भी सड़क खस्ताहाल है। एक महीने भी डामर नहीं टिक पाया। अब तक इस सड़क को नहीं सुधारा गया है। इस भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। - जानकी देवी, बर्नियागांव


कोट

पहले यह सड़क लोनिवि और वर्ल्ड बैंक के पास थी। पीएमजीएसवाई की डीपीआर में चार किमी सड़क ही थी। सुधारीकरण और अस्थायी तौर पर गड्ढे भरने का काम जल्द शुरू होगा। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। शेष सड़क को भी इसमें शामिल किया जाएगा। - किशन सिंह ऐरी, ईई, पीएमजीएसवाई, धारचूला
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