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गांव लौटे युवाओं को शक की निगाहों से देख रहे हैं लोग
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बेड़ीनाग से सामान के साथ पैदल गणाई पहुंचे मजदूर। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। लॉकडाउन के बाद महानगरों से कई युवा मीलों पैदल चलकर गांव पहुंच रहे हैं। युवाओं के गांव में पहुंचने के बाद ग्रामीण शक की नजर से देख रहे हैं। इसके चलते युवाओं का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है।
पहाड़ों में रोजगार के संसाधन कम होने के कारण सीमांत जिले के हजारों युवा शहरों में नौकरी करते हैं। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बाद युवा दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, पंजाब, हल्द्वानी सहित कई क्षेत्रों से घर को लौट रहे हैं। भूखे-प्यासे गांव लौटे यह युवा भले ही राहत महसूस कर रहे हों, लेकिन ग्रामीण इन युवाओं के स्वस्थ होने के बाद भी शक की नजर से देख रहे हैं। जिस कारण ये युवा अपने सगे संबंधियों और दोस्तों से नहीं मिल पा रहे हैं। कनालीछीना निवासी एक युवक ने बताया कि वह दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। लॉकडाउन के कारण उसे घर आना पड़ा। वह पूरी तरह से स्वस्थ है। लेकिन लोग उससे बात करना भी पसंद नहीं कर रहे हैं। ऐसे में वह घर में बैठकर ही समय बिता रहे हैं।
ब्योरा जुटाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे प्रधान
पिथौरागढ़। प्रशासन ने ग्राम प्रधानों को बाहरी क्षेत्रों से लौटे लोगों की जानकारी देने को कहा है। इसके बाद भी कई ग्राम प्रधान अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी से नहीं निभा रहे हैं। कई ग्राम प्रधान सुबह के समय बाहर से आए लोगों की जानकारी भी दुकानदारों से मांग रहे हैं। घर-घर जाकर लोगों का ब्योरा इकठ्ठा करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। ग्राम प्रधानों की यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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पहाड़ों में रोजगार के संसाधन कम होने के कारण सीमांत जिले के हजारों युवा शहरों में नौकरी करते हैं। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बाद युवा दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, पंजाब, हल्द्वानी सहित कई क्षेत्रों से घर को लौट रहे हैं। भूखे-प्यासे गांव लौटे यह युवा भले ही राहत महसूस कर रहे हों, लेकिन ग्रामीण इन युवाओं के स्वस्थ होने के बाद भी शक की नजर से देख रहे हैं। जिस कारण ये युवा अपने सगे संबंधियों और दोस्तों से नहीं मिल पा रहे हैं। कनालीछीना निवासी एक युवक ने बताया कि वह दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। लॉकडाउन के कारण उसे घर आना पड़ा। वह पूरी तरह से स्वस्थ है। लेकिन लोग उससे बात करना भी पसंद नहीं कर रहे हैं। ऐसे में वह घर में बैठकर ही समय बिता रहे हैं।
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ब्योरा जुटाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे प्रधान
पिथौरागढ़। प्रशासन ने ग्राम प्रधानों को बाहरी क्षेत्रों से लौटे लोगों की जानकारी देने को कहा है। इसके बाद भी कई ग्राम प्रधान अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी से नहीं निभा रहे हैं। कई ग्राम प्रधान सुबह के समय बाहर से आए लोगों की जानकारी भी दुकानदारों से मांग रहे हैं। घर-घर जाकर लोगों का ब्योरा इकठ्ठा करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। ग्राम प्रधानों की यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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