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सीमांत में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए प्रयास करेगी रं कल्याण संस्था
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धारचूला (पिथौरागढ़)। धारचूला में तेजी से फैल रहे कोविड संक्रमण को देखते हुए रं कल्याण संस्था इसे रोकने का प्रयास करेगी। इसको लेकर केंद्रीय कार्यकारिणी की आपात कालीन वर्चुअल बैठक हुई। केंद्रीय कार्यकारिणी के अध्यक्ष बिशन सिंह बोनाल की अध्यक्षता में बैठक हुई।
उन्होंने कहा कि धारचूला क्षेत्र में कुंचा का समय है और जब गांव वाले मुख्यालय से दूर स्वास्थ्य सेवाओं के संपर्क से दूर होंगे तो उन्हें समय पर दवा आदि नहीं मिल पाएगी।
इसको ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि दारमा, व्यास और चौंदास के प्रत्येक गांव में कोविड के लिए निर्धारित दवाओं के दस पैकेट, ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, मास्क, गलव्स और पीपीई किट की व्यवस्था की जाएगी।
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जिस किसी को लक्षण होंगे उन्हें ग्राम प्रधान और आशा की देखरेख में उपचार दिया जाएगा। इस दौरान पिथौरागढ़ और हल्द्वानी में स्थित सामुदायिक भवन में इस तरह के मरीजों और सहायकों के लिए रहने की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।
दोनों स्थानों पर मरीजों के लिए ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में आक्सीजान और प्लाज्मा जैसी सुविधाओं के लिए मरीज और परिजन काफी परेशानी से जूझ रहे हैं।
इस तरह के लोगों की मदद के लिए एक रं कोविड टास्क फोर्स का भी गठन किया है जो मरीज तथा उनके परिजनों की मदद करने के लिए डॉक्टरों तथा अन्य स्रोतों से समन्वय करने का प्रयास करेगी।
कोरोना काल में गरीब परिवारों को अत्यधिक आर्थिक समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे गरीब रं परिवार जिनके परिजन कोविड की गंभीर अवस्था में हों, जब उन्हें हायर सेंटर अस्पताल में भर्ती होना पड़े तो संस्था अपने राहत कोष के नियमों के अंतर्गत सहायता देने का प्रयास करेगी।
बैठक में हाल ही में दारमा और व्यास घाटी में भारी हिमपात से भेड़ पालकों को हुए भारी नुकसान को लेकर भी चर्चा की गई।
बैठक में संरक्षक नृप सिंह नपलच्याल, उपाध्यक्ष भवान सिंह सोनाल, महासचिव विक्रम रोंकली, हितेंद्र ह्यांकी, सोमी दुग्ताल, कृष्णा गर्ब्याल, राम सिंह ह्यांकी, गजेंद्र बुदियाल, दयान रायपा, नरेंद्र पतियाल, मगन नपलच्याल, प्रदीप गुंज्याल, भूतपूर्व अध्यक्ष अजय नबियाल, चंद्र सिंह नपलच्याल, महिमन सिंह गर्ब्याल, अरविंद ह्यांकी, कृष्ण रौतेला, डॉ. शशि फिरमाल, योगेश गर्ब्याल, संदेशा रायपा, पंकज गर्ब्याल आदि रहे।
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उन्होंने कहा कि धारचूला क्षेत्र में कुंचा का समय है और जब गांव वाले मुख्यालय से दूर स्वास्थ्य सेवाओं के संपर्क से दूर होंगे तो उन्हें समय पर दवा आदि नहीं मिल पाएगी।
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इसको ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि दारमा, व्यास और चौंदास के प्रत्येक गांव में कोविड के लिए निर्धारित दवाओं के दस पैकेट, ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, मास्क, गलव्स और पीपीई किट की व्यवस्था की जाएगी।
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जिस किसी को लक्षण होंगे उन्हें ग्राम प्रधान और आशा की देखरेख में उपचार दिया जाएगा। इस दौरान पिथौरागढ़ और हल्द्वानी में स्थित सामुदायिक भवन में इस तरह के मरीजों और सहायकों के लिए रहने की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।
दोनों स्थानों पर मरीजों के लिए ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में आक्सीजान और प्लाज्मा जैसी सुविधाओं के लिए मरीज और परिजन काफी परेशानी से जूझ रहे हैं।
इस तरह के लोगों की मदद के लिए एक रं कोविड टास्क फोर्स का भी गठन किया है जो मरीज तथा उनके परिजनों की मदद करने के लिए डॉक्टरों तथा अन्य स्रोतों से समन्वय करने का प्रयास करेगी।
कोरोना काल में गरीब परिवारों को अत्यधिक आर्थिक समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे गरीब रं परिवार जिनके परिजन कोविड की गंभीर अवस्था में हों, जब उन्हें हायर सेंटर अस्पताल में भर्ती होना पड़े तो संस्था अपने राहत कोष के नियमों के अंतर्गत सहायता देने का प्रयास करेगी।
बैठक में हाल ही में दारमा और व्यास घाटी में भारी हिमपात से भेड़ पालकों को हुए भारी नुकसान को लेकर भी चर्चा की गई।
बैठक में संरक्षक नृप सिंह नपलच्याल, उपाध्यक्ष भवान सिंह सोनाल, महासचिव विक्रम रोंकली, हितेंद्र ह्यांकी, सोमी दुग्ताल, कृष्णा गर्ब्याल, राम सिंह ह्यांकी, गजेंद्र बुदियाल, दयान रायपा, नरेंद्र पतियाल, मगन नपलच्याल, प्रदीप गुंज्याल, भूतपूर्व अध्यक्ष अजय नबियाल, चंद्र सिंह नपलच्याल, महिमन सिंह गर्ब्याल, अरविंद ह्यांकी, कृष्ण रौतेला, डॉ. शशि फिरमाल, योगेश गर्ब्याल, संदेशा रायपा, पंकज गर्ब्याल आदि रहे।