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कंप्यूटर के उपयोग की जानकारी दी
ब्यूरो/अमर उजाला,गंगोलीहाट
Updated Sun, 07 May 2017 10:43 PM IST
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गंगोलीहाट में साइंस आउटरिच प्रोग्राम में विद्यार्थियों को जानकारी देते विशेषज्ञ
- फोटो : अमर उजाला
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हिमालय ग्राम विकास समिति (एचजीवीएस) के कार्यालय परिसर में चल रहे दो दिनी साइंस आउटरीच प्रोग्राम के समापन अवसर पर उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र के प्रोफेसर ओपी नौटियाल ने विद्यार्थियों को रिमोट साइंस एजुकेशन में तकनीकी और कंप्यूटर के उपयोग की जानकारी दी। कहा कि यूसर्क विज्ञान की तरक्की के लिए महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। इसका लाभ विज्ञान के विद्यार्थियों को मिल रहा है। प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों का सानिध्य पाकर विद्यार्थी उत्साहित दिखे।
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डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के प्रोफेसर केएस कठायत ने आवृत सारिणी के बारे में बताया। इसके अलावा कुमाऊं विश्वविद्यालय की रसायन विज्ञान प्रोफेसर गंगा बिष्ट ने आयुर्वेदिक पौधों और जड़ीबूटियों के बारे में, जीबी पंत विश्वविद्यालय पंतनगर के प्रोफेसर केएस जीना ने आनुुवांशिकता के बारे में जानकारी दी। इस दौरान जवाहर लाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस साइंटिफिक रिसर्च बंगलूरू के वैज्ञानिक टी गोविंद राजू, डा. एनएस विद्याति राजा, पद्मभूषण वैज्ञानिक केएस वल्दिया, वैज्ञानिक उमेश बाघमरे समेत कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक कार्यक्रम में मौजूद थे।
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एचजीवीएस के अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट ने कार्यक्रम में समय देने के लिए सभी वैज्ञानिकों का आभार जताया। कार्यक्रम में पहले दिन विद्यार्थियों को जल पुरुष राजेंद्र सिंह का व्याख्यान सुनने को मिला। एचजीवीएस के इस कार्यक्रम का इस बार उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र सहयोगी रहा। प्रोग्राम में 200 विद्यार्थियों ने शिरकत की।
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