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Pithoragarh News: नए शिक्षा सत्र में भी बिना शिक्षकों के पढ़ने की मजबूरी
Sat, 17 May 2025 10:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 17 May 2025 10:57 PM IST
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पिथौरागढ़। सरकारी स्कूलों में बगैर शिक्षकों के शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी के दावे हो रहे हैं। सीमांत जिले के हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में शिक्षकों के रिक्त पद इसका प्रमाण हैं। इन विद्यालयों में पढ़ाने के लिए 1250 प्रवक्ता और सहायक अध्यापक नहीं हैं। ऐसे में नए शिक्षा सत्र में भी 18 हजार से अधिक विद्यार्थी बगैर गुरु के ज्ञान लेने के लिए मजबूर हैं।
जिले में 128 राजकीय इंटर कॉलेज और 87 हाईस्कूल संचालित हैं। इन विद्यालयों में कक्षा छह से नौ से 12 वीं तक के 18044 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 1169 प्रवक्ता और 1632 सहायक अध्यापकों के पद स्वीकृत हैं। हैरानी है कि 409 प्रवक्ता और 1142 सहायक अध्यापक ही इन विद्यालयों में तैनात हैं। प्रवक्ताओं के 760 और सहायक अध्यापकों के 490 पद रिक्त हैं।
हालात यह हैं कि विद्यार्थी गणित के शिक्षक से विज्ञान तो इतिहास के शिक्षक से हिंदी का ज्ञान लेने के लिए मजबूर हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है और अब तक प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के रास्ते बंद हैं। ऐसे में साफ है कि इस साल भी विद्यार्थियों को बगैर शिक्षकों के पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
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अतिथि शिक्षक भी नहीं मिल रहे
सरकारी विद्यालयों में प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया लंबे समय से बंद है। विभाग ने इनकी कमी को दूर करने के लिए बीते दिनों 90 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए काउंसलिंग की। सिर्फ 30 अतिथि शिक्षक ही विभाग को मिले हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक प्रशिक्षित बेरोजगार अतिथि शिक्षक बनने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों की कमी को दूर करना विभाग के लिए चुनौती बन गया है।
कोट
जिले में प्रवक्ताओं के रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की तैनाती होनी है। जल्द ही इसके लिए काउंसलिंग होगी। उम्मीद है रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षक तैनात होंगे। वहीं सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों की सूची शासन को भेजी गई है। शासन स्तर से ही नियुक्ति संभव है। -एचआर कोहली, सीईओ, पिथौरागढ़।
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जिले में 128 राजकीय इंटर कॉलेज और 87 हाईस्कूल संचालित हैं। इन विद्यालयों में कक्षा छह से नौ से 12 वीं तक के 18044 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 1169 प्रवक्ता और 1632 सहायक अध्यापकों के पद स्वीकृत हैं। हैरानी है कि 409 प्रवक्ता और 1142 सहायक अध्यापक ही इन विद्यालयों में तैनात हैं। प्रवक्ताओं के 760 और सहायक अध्यापकों के 490 पद रिक्त हैं।
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हालात यह हैं कि विद्यार्थी गणित के शिक्षक से विज्ञान तो इतिहास के शिक्षक से हिंदी का ज्ञान लेने के लिए मजबूर हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है और अब तक प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के रास्ते बंद हैं। ऐसे में साफ है कि इस साल भी विद्यार्थियों को बगैर शिक्षकों के पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
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अतिथि शिक्षक भी नहीं मिल रहे
सरकारी विद्यालयों में प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया लंबे समय से बंद है। विभाग ने इनकी कमी को दूर करने के लिए बीते दिनों 90 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए काउंसलिंग की। सिर्फ 30 अतिथि शिक्षक ही विभाग को मिले हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक प्रशिक्षित बेरोजगार अतिथि शिक्षक बनने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों की कमी को दूर करना विभाग के लिए चुनौती बन गया है।
कोट
जिले में प्रवक्ताओं के रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की तैनाती होनी है। जल्द ही इसके लिए काउंसलिंग होगी। उम्मीद है रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षक तैनात होंगे। वहीं सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों की सूची शासन को भेजी गई है। शासन स्तर से ही नियुक्ति संभव है। -एचआर कोहली, सीईओ, पिथौरागढ़।