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दो साल से फिल्टर प्लांट की नहीं हुई सफाई
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 10 Mar 2018 10:32 PM IST
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ठुलीगाड़ योजना में फिल्टर होने के बाद आता झागदार पानी
- फोटो : अमर उजाला
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नलों में गंदे पानी की आपूर्ति के बीच जल संस्थान की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जल संस्थान ने पिछले दो साल से ठुलीगाड़ पेयजल योजना के फिल्टर प्लांट की सफाई नहीं कराई है। इससे फिल्टर की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है और मानक के अनुरूप पानी साफ नहीं हो पा रहा है।
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जल संस्थान ठुलीगाड़ योजना के जरिये कासनी स्थित फिल्टर प्लांट में पानी की आपूर्ति की जाती है। फिल्टर प्लांट में विभिन्न चरणों में उपकरणों से छानने और सफाई के बाद पेयजल तैयार किया जाता है। क्लोरीन मिलाने के बाद टैंकों के जरिये पेयजल लाइनों में आपूर्ति की जाती है।
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जल संस्थान ने पिछले दो सालों से फिल्टर प्लांट की सफाई नहीं कराई है, जबकि नियमानुसार हर साल फिल्टर प्लांट की सफाई के साथ ही फिल्टर मीडियम बदला जाता है। दरअसल फिल्टर मीडियम से ही पानी की छनाई और सफाई होती है। फिल्टर की सफाई न होने और मीडियम नहीं बदलने से प्लांट की क्षमता में कमी आई है। इससे फिल्टर की गुणवत्ता में असर पड़ा है और मानक के अनुरूप पानी साफ नहीं हो रहा है।
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भारी सिल्ट से कम हो रही फिल्टर क्षमता
ठुलीगाड़ पेयजल योजना के पानी में काफी मात्रा में सिल्ट आ रहा है। इसके चलते फिल्टर प्लांट की क्षमता पर असर पड़ा है। दो साल से प्लांट की सफाई न होने और फिल्टर मीडियम न बदलने से पानी पूरी तरह साफ नहीं हो पा रहा है। इसके चलते गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। फिल्टर मीडियम न बदलने से आपूर्ति की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
प्लांट का फिल्टर मीडियम एक साल के भीतर बदला जाता है। कासनी फिल्टर प्लांट का मीडियम दो साल से न बदलने के मामले की जांच कराई जाएगी। लापरवाही पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -विशाल सक्सेना, ईई, जल संस्थान