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Pithoragarh News: नए भवन के बाद भी पुराने टिन शेड में चल रहा मुवानी कालेज
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कालेज जाने को न तो पक्की सड़क है और न ही पानी की आपूर्ति
महेंद्र जंगपागी
संवाद न्यूज एजेंसी
थल (पिथौरागढ़)। मुवानी महाविद्यालय की स्थापना 2014 में हुई थी। तब कक्षाएं बाजार के किसी भवन के एक टीन शेड में संचालित होती थी। फिर बाजार से तीन किमी दूर मुंगरौली के पास 48 नाली 8 मुट्ठी जमीन गांव वालों ने दाननामा दे दी। उस पर महाविद्यालय का नया भवन बनकर फरवरी 2022 को को हस्तांतरित भी हो गया। कालेज प्रबंधन ने सामान शिफ्ट करना चाहा लेकिन रोखड़ में तब्दील हो चुकी सड़क पर बड़ी मुश्किल से आधा ही सामान शिफ्ट हो सका। नए भवन के एक साल बीत जाने के बाद भी कक्षाएं पुराने टीन शेड में ही चल रही हैं।
प्राचार्य जेसी पंत ने बताया कि महाविद्यालय को जाने वाली तीन किमी सड़क यदि पक्की बन जाए और वहां पीने के पानी की आपूर्ति हो जाए तो शीघ्र ही कक्षाएं संचालित की जा सकती हैं। उन्होंने बताया 170 छात्र-छात्राओं की संख्या में 80 प्रतिशत छात्राएं पढ़ती हैं। सभी बच्चे 10 किमी दूर से अपने अपने वाहन से आते हैं। नए भवन में सड़क, पानी की सुविधा नहीं होने से बच्चे भी वहां जाना नहीं चाहते हैं। कालेज में वर्तमान में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, राजनीतिक विज्ञान, समाज शास्त्र, अर्थशास्त्र की कक्षाएं चल रही हैं। नए भवन के लिए उन्होंने तीन विषय इतिहास, भूगोल और गृह विज्ञान की संस्तुति के लिए निदेशालय को स्वीकृति पत्र भेजा हैं। उन्होंने बताया कि स्टेट प्लान मद से लोनिवि ने सड़क की डीपीआर शासन स्तर पर छ: माह पहले भेजी है। पेयजलापूर्ति करने में अभी पांच माह का विलंब हो सकता है। यदि यह दोनों सुविधा हो जाएं तो कक्षाएं शीघ्र ही नए भवन में शुरू हो जाए।
कोट:पिछले एक साल से महाविद्यालय का नया भवन बनकर तैयार हो चुका हैं। वहां कक्षाएं संचालित न होना चिंता का विषय हैं। आखिर टीन शेड में कब तक पठन-पाठन होता रहेगा। सरकार को इसका संज्ञान लेना चाहिए और शीघ्र वहां पक्की सड़क और पीने का पानी की आपूर्ति की जानी चाहिए। दूरदराज से आने वाले बच्चे आखिर कब तक अभाव में पढ़ते रहेंगे। सोबन सिंह कार्की, सामाजिक कार्यकर्ता।
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कोट:
नया भवन हस्तांतरण हुए करीब एक साल बीत गया है लेकिन मुख्य समस्या सड़क और पानी है। बिना सड़क के उतनी दूर खड़ी चढ़ाई चढ़ते हुए छात्र-छात्राएं किसी भी हालत में पैदल नहीं जा सकते हैं। बरसात के दिनों में सड़क कीचड़ से सनी होती है और नाला आने से अवरुद्ध रहती है। इस समस्या को सरकार के समक्ष रख चुके हैं। सरकार शीघ्र इसका निस्तारण करे और जल्द ही नवीन भवन में कक्षाएं संचालित करवाए। कमलेश भट्ट, छात्रसंघ अध्यक्ष।
फोटो 27 पी- सोबन सिंह कार्की।
फोटो 28 पी- कमलेश भट्ट।
दिनेश
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महेंद्र जंगपागी
संवाद न्यूज एजेंसी
थल (पिथौरागढ़)। मुवानी महाविद्यालय की स्थापना 2014 में हुई थी। तब कक्षाएं बाजार के किसी भवन के एक टीन शेड में संचालित होती थी। फिर बाजार से तीन किमी दूर मुंगरौली के पास 48 नाली 8 मुट्ठी जमीन गांव वालों ने दाननामा दे दी। उस पर महाविद्यालय का नया भवन बनकर फरवरी 2022 को को हस्तांतरित भी हो गया। कालेज प्रबंधन ने सामान शिफ्ट करना चाहा लेकिन रोखड़ में तब्दील हो चुकी सड़क पर बड़ी मुश्किल से आधा ही सामान शिफ्ट हो सका। नए भवन के एक साल बीत जाने के बाद भी कक्षाएं पुराने टीन शेड में ही चल रही हैं।
प्राचार्य जेसी पंत ने बताया कि महाविद्यालय को जाने वाली तीन किमी सड़क यदि पक्की बन जाए और वहां पीने के पानी की आपूर्ति हो जाए तो शीघ्र ही कक्षाएं संचालित की जा सकती हैं। उन्होंने बताया 170 छात्र-छात्राओं की संख्या में 80 प्रतिशत छात्राएं पढ़ती हैं। सभी बच्चे 10 किमी दूर से अपने अपने वाहन से आते हैं। नए भवन में सड़क, पानी की सुविधा नहीं होने से बच्चे भी वहां जाना नहीं चाहते हैं। कालेज में वर्तमान में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, राजनीतिक विज्ञान, समाज शास्त्र, अर्थशास्त्र की कक्षाएं चल रही हैं। नए भवन के लिए उन्होंने तीन विषय इतिहास, भूगोल और गृह विज्ञान की संस्तुति के लिए निदेशालय को स्वीकृति पत्र भेजा हैं। उन्होंने बताया कि स्टेट प्लान मद से लोनिवि ने सड़क की डीपीआर शासन स्तर पर छ: माह पहले भेजी है। पेयजलापूर्ति करने में अभी पांच माह का विलंब हो सकता है। यदि यह दोनों सुविधा हो जाएं तो कक्षाएं शीघ्र ही नए भवन में शुरू हो जाए।
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कोट:पिछले एक साल से महाविद्यालय का नया भवन बनकर तैयार हो चुका हैं। वहां कक्षाएं संचालित न होना चिंता का विषय हैं। आखिर टीन शेड में कब तक पठन-पाठन होता रहेगा। सरकार को इसका संज्ञान लेना चाहिए और शीघ्र वहां पक्की सड़क और पीने का पानी की आपूर्ति की जानी चाहिए। दूरदराज से आने वाले बच्चे आखिर कब तक अभाव में पढ़ते रहेंगे। सोबन सिंह कार्की, सामाजिक कार्यकर्ता।
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कोट:
नया भवन हस्तांतरण हुए करीब एक साल बीत गया है लेकिन मुख्य समस्या सड़क और पानी है। बिना सड़क के उतनी दूर खड़ी चढ़ाई चढ़ते हुए छात्र-छात्राएं किसी भी हालत में पैदल नहीं जा सकते हैं। बरसात के दिनों में सड़क कीचड़ से सनी होती है और नाला आने से अवरुद्ध रहती है। इस समस्या को सरकार के समक्ष रख चुके हैं। सरकार शीघ्र इसका निस्तारण करे और जल्द ही नवीन भवन में कक्षाएं संचालित करवाए। कमलेश भट्ट, छात्रसंघ अध्यक्ष।
फोटो 27 पी- सोबन सिंह कार्की।
फोटो 28 पी- कमलेश भट्ट।
दिनेश

सोबन सिंह कार्की।- फोटो : PITHORAGARH