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Pithoragarh News: सीआईएसएफ अब जल्द करेगा ड्रोन से राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा
Sun, 20 Sep 2026 11:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 20 Sep 2026 11:41 PM IST
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बनबसा (चंपावत)। एनएचपीसी स्थित बनबसा के टनकपुर पावर स्टेशन में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एसी राजेश कुमार ने जवानों को सुरक्षा की नई तकनीक के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने जवानों को बताया कि अब सीआईएसएफ आधुनिक तकनीक अपना ड्रोन से राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा करेगी।
सीआईएसएफ के एसी राजेश ने बताया कि 15 सितंबर को सीआईएसएफ ने नई दिल्ली में प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आईआईटी कानपुर के साथ साइबर सुरक्षा और ड्रोन और एंटी ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत अब बल कर्मियों को डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर घटना प्रबंधन, महत्वपूर्ण अवसंरचना सुरक्षा और उभरते साइबर खतरों पर विशेष निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। ड्रोन व एंटी ड्रोन एमओयू के तहत यूएवी संचालन, ड्रोन फॉरेंसिक और काउंटर यूएएस तकनीक में प्रशिक्षण तथा संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, उन्नत सिमुलेटर और फॉरेंसिक सुविधाओं के विकास पर भी सहयोग किया जाएगा। उन्होंने जवानों को इन प्रशिक्षणों को प्राप्त करने के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित किया।
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सीआईएसएफ के एसी राजेश ने बताया कि 15 सितंबर को सीआईएसएफ ने नई दिल्ली में प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आईआईटी कानपुर के साथ साइबर सुरक्षा और ड्रोन और एंटी ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत अब बल कर्मियों को डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर घटना प्रबंधन, महत्वपूर्ण अवसंरचना सुरक्षा और उभरते साइबर खतरों पर विशेष निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। ड्रोन व एंटी ड्रोन एमओयू के तहत यूएवी संचालन, ड्रोन फॉरेंसिक और काउंटर यूएएस तकनीक में प्रशिक्षण तथा संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, उन्नत सिमुलेटर और फॉरेंसिक सुविधाओं के विकास पर भी सहयोग किया जाएगा। उन्होंने जवानों को इन प्रशिक्षणों को प्राप्त करने के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित किया।
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