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छारछुम में पुल बनाने के लिए हो रहा चट्टानों का परीक्षण
Mon, 20 May 2019 10:39 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Mon, 20 May 2019 10:39 PM IST
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भारत-नेपाल को जोड़ने वाला प्रस्तावित पुल के स्थल पर चल रहा बोरिंग का काम।
- फोटो : पिथौरागढ़
नेपाल को जोड़ने के लिए धारचूला के छारछुम में बनने जा रहे मोटर पुल के प्रस्तावित स्थल की जांच आईआईटी दिल्ली कर रही है। रविवार को लोनिवि के अधीक्षण अभियंता वीएन पांडे ने स्थल का निरीक्षण कर बोरिंग के काम का जायजा लिया। भारत-नेपाल के बीच बनने वाला पिथौरागढ़ जिले का यह पहला मोटर पुल होगा।
छारछुम में 110 स्पान का मोटर पुल बनना है। यह नेपाल के दार्चुला जिले को जोड़ेगा। पुल का निर्माण राज्य सरकार करेगी। इसके लिए 20 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। स्थल पर चट्टानों का पता लगाने के लिए बोरिंग की जा रही है। अधीक्षण अभियंता पांडे ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर पुल का दोबारा डिजाइन तैयार किया जा रहा है। पहले तैयार किया गया डिजाइन निरस्त कर दिया गया है। डिजाइन तैयार होने के बाद डीपीआर शासन को भेजी जाएगी।
आईआईटी दिल्ली की जांच और शासन की हरी झंडी मिलने पर पुल के लिए टेंडर लगाए जाएंगे। पिथौरागढ़ जिले में नेपाल की 125 किमी सीमा है। भारत-नेपाल सीमा में अब तक कोई भी मोटर पुल नहीं है। छारछुम में मोटर पुल बन जाता है तो भारत और नेपाल के बीच आवागमन सुगम हो जाएगा। इसका लाभ दोनों देशों के लोगों को मिलेगा।
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छारछुम में 110 स्पान का मोटर पुल बनना है। यह नेपाल के दार्चुला जिले को जोड़ेगा। पुल का निर्माण राज्य सरकार करेगी। इसके लिए 20 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। स्थल पर चट्टानों का पता लगाने के लिए बोरिंग की जा रही है। अधीक्षण अभियंता पांडे ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर पुल का दोबारा डिजाइन तैयार किया जा रहा है। पहले तैयार किया गया डिजाइन निरस्त कर दिया गया है। डिजाइन तैयार होने के बाद डीपीआर शासन को भेजी जाएगी।
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आईआईटी दिल्ली की जांच और शासन की हरी झंडी मिलने पर पुल के लिए टेंडर लगाए जाएंगे। पिथौरागढ़ जिले में नेपाल की 125 किमी सीमा है। भारत-नेपाल सीमा में अब तक कोई भी मोटर पुल नहीं है। छारछुम में मोटर पुल बन जाता है तो भारत और नेपाल के बीच आवागमन सुगम हो जाएगा। इसका लाभ दोनों देशों के लोगों को मिलेगा।
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