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डीडीहाट में सस्ता-गल्ला विक्रेताओं का प्रदर्शन

Tue, 08 Nov 2016 10:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट Updated Tue, 08 Nov 2016 10:53 PM IST
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Cheap-performing vendors drove Didihat
डीडीहाट में प्रदर्शन करते सस्ता गल्ला विक्रेता - फोटो : अमर उजाला

सरकारी सस्ता-गल्ला विक्रेताओं ने मंगलवार को प्रदर्शन किया और विक्रेताओं को मानदेय देने, लाभांश की राशि बढ़ाने, हर गोदाम में इलेक्ट्रानिक कांटे लगाने, दुकानदारों को गोदाम से तौलकर राशन देने की मांग की। उन्होंने इन मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री और खाद्य मंत्री को भेजा गया।

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कहा गया कि सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों के लिए नियम काफी जटिल बना दिए हैं। अब दुकानदार को कागजी काम ज्यादा करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार की सभी खाद्य योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में दुकानदारों की भूमिका अहम रहती है, लेकिन सबसे ज्यादा शोषण दुकानदारों का ही हो रहा है।
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सस्ता-गल्ला विक्रेता संगठन के तहसील अध्यक्ष दिनेश कन्याल ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर कई बार आंदोलन किया गया, लेकिन सरकार के स्तर से सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने कहा कि अब दुकानदार उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। विक्रेताओं की मांगों के संबंध में पूर्ति निरीक्षक हेमा बिष्ट ने बताया कि मानदेय निर्धारण और लाभांश बढ़ाने संबंधी मांगें शासन स्तर की हैं, जहां तक गोदाम से तौलकर राशन देने का सवाल है, हर दुकानदार को तौलकर ही राशन दिया जाता है। प्रदर्शन में भुवन भंडारी, रवि डसीला, प्रह्लाद बोरा, कृष्णानंद जोशी, बलवंत कन्याल, मदन सिंह समेत कई अन्य विक्रेता शामिल हुए। 
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पूर्व घोषणाओं को पूरा किया जाए
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। खाद्यान्न गोदाम के प्रांगण में सस्ता-गल्ला विक्रेताओं ने विभिन्न समस्याओं को लेकर बैठक की। ब्लॉक अध्यक्ष तारादत्त भट्ट ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा की गई घोषणाओं को वर्तमान सरकार ने अब तक पूरा नहीं किया गया। इस कारण सस्ता-गल्ला विक्रेताओं में आक्रोश है। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की भांति राज्य सरकार भी लाभांश दे। बिना तौले राशन नहीं उठाने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2002 से मिड-डे-मील चावल का भाड़ा नहीं दिया गया है, इसका शीघ्र भुगतान किया जाए। बैठक में त्रिभुवन पंत, मंदन सिंह, खुशाल सिंह, जगदीश लाल, मदन राम, हरीश चंद्र, गोपाल आर्या आदि मौजूद थे।

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