प्राकृतिक आपदाओं के कारण पानी का बहाव परिवर्तित

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 21 Sep 2021 05:08 PM IST
प्राकृतिक नौले धारे के मुख्य स्रोत की जांच करती टीम।
प्राकृतिक नौले धारे के मुख्य स्रोत की जांच करती टीम। - फोटो : PITHORAGARH
विज्ञापन
ख़बर सुनें
पिथौरागढ़। प्राकृतिक नौले-धारों को संरक्षित करने की कवायद शुरू हो गई है। पीपुल्स साइंस इंस्टीट्यूट देहरादून से आई वैज्ञानिकों की टीम ने पिथौरागढ़ जिले के नौले-धारों का सर्वे शुरू कर दिया है। भू-वैज्ञानिक के अनुसार प्राकृति आपदाओं के कारण पानी के बहाव में परिवर्तित हुआ है। टीम जलस्तर गिरने के कारणों और जलस्तर बढ़ाने आदि की जानकारी ले रही है। जल्द ही साइंस इंस्टीट्यूट की टीम नौले-धारों का संरक्षण करने का कार्य शुरू कर देगी।
विज्ञापन

सोमवार को पीपुल्स साइंस इंस्टीट्यूट की टीम और थियेटर फॉर एजुकेशन इन मास सोसाइटी(टीम) की टीम ने संस्थान के अभियंता नवीन गुसाई, भू-वैज्ञानिक श्याम थावले और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद राणा के नेतृत्व में पिथौरागढ़ से करीब 20 किमी दूर स्थित सतगढ़ गांव के नौले धारों का सर्वेक्षण किया। टीम ने सभी नौले-धारों से पानी के सैंपल भी लिए। भू-वैज्ञानिक श्याम थावले ने बताया कि पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदि प्राकृतिक आपदाओं के कारण पानी का बहाव परिवर्तित हुआ है। इसका सीधा असर नौले धारों पर पड़ा है। अभियंता नवीन गुसाई ने बताया कि साइंस इंस्टीट्यूट के पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. अनिल गौतम की देखरेख में नौले-धारों के संरक्षण पर कार्य किया जा रहा है। सर्वेक्षण के बाद रिपोर्ट इंस्टीट्यूट को सौंपी जाएगी। इसके बाद आवश्यकता अनुसार नौले-धारों के संरक्षण आदि पर कार्य किए जाएंगे। अब मुनस्यारी, मदकोट और अन्य क्षेत्रों में सर्वेक्षण किया जाएगा। थियेटर फॉर एजुकेशन इन मास सोसाइटी के योगेश पाठक ने बताया कि नौले-धारों के संरक्षण के लिए पीपुल्स साइंस इंस्टीट्यूट और थियेटर फॉर इन मास एजुकेशनल की टीम तकनीकी सहयोग कर रही है। संरक्षण के कार्य ग्रामीणों से कराए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को रोजगार भी मिलेगा और प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण भी होगा।

प्राकृतिक जल स्रोतों को रिचार्ज करने के लिए बनेगी चाल खाल
पिथौरागढ़। साइंस इंस्टीट्यूट के अभियंता नवीन गुसाई ने बताया कि जिन प्राकृतिक जल स्रोत नौले धारों को रिचार्ज या संरक्षित करने की आवश्यकता होगी। उसी पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नौले-धारों को रिचार्ज करने के लिए चालखाल, चेकडैम निर्माण और पौधरोपण कार्य किया जाएगा।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00