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चंडाक की खूबसूरती को बिगाड़ने वाले तत्वों पर अंकुश लगाओ
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़।
Updated Mon, 01 Aug 2016 10:57 PM IST
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चंडाक से कूड़ा एकत्र करते हरेला संस्था के सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
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चंडाक, यह नाम सामने आते ही प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर, कोलाहल से दूर जगह का चित्र सामने आ जाता है, लेकिन यह जानकर बेहद दुख होगा कि अब चंडाक की पहाड़ियों को अराजक तत्वों ने अपना अड्डा बना दिया है। वहां पर जगह जगह शराब और बीयर की बोतलें बिखरी रहती हैं। स्नैक्स के रैपरों से पूरी पहाड़ी भरी रहती है। हरेला संस्था ने जब इस इलाके की सफाई का अभियान चलाया तो खुद आश्चर्य में पड़ गए।
हरेला संस्था के 36 से कार्यकर्ताओं ने छह घंटे तक सफाई अभियान चलाकर पांच क्विंटल से ज्यादा कूड़ा एकत्र किया। हरेला संस्था के सदस्य इस कूड़े को जंगल में ही निस्तारित करने के बजाए शहर में ले आए ताकि लोगों की आंखें खुलें और प्रशासन और पुलिस के लोगों को थोड़ा शर्म आए।
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हरेला संस्था के कार्यकर्ता जब चंडाक से कूड़ा समेटकर बाजार में लाए तो उन्होंने पालिका चौक, गांधी चौक में एक सभा की। लोगों को चेताया कि यह शहर किस ओर जा रहा है। यहां की नौजवान पीढ़ी किस कदर नशे के आगोश में जा रही है। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से गुजारिश भी की कि यदि एक दो बार इस इलाके से शराब पीने वालों को पकड़ा जाए तो शायद इस प्रवृत्ति पर अंकुश लग सकता है। घंटाकरण से चंडाक तक का यह इलाका घूमने के लिए सबसे सुंदर है। सुबह और शाम घूमने के लिए जाने वालों की भीड़ लगे रहती है। वहां पर शाम होते ही पेड़ों के झुरमुटों, खाली जगहों पर शराब पीने वालों का जमघट लग जाता है।
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चंडाक को बचाने का संकल्प लिया
पिथौरागढ़। हरेला संस्था ने चंडाक को बचाने का संकल्प लिया है। संस्था ने इस तरह की गलत प्रवृत्तियों को रोकने के लिए किसी भी हद तक प्रयास का संकल्प लिया है। यदि स्थानीय पुलिस कदम नहीं उठाएगी तो मामला पुलिस के उच्चाधिकारियों के पास पहुंचाया जाएगा। यह मुहिम अब रोकी नहीं जाएगी।