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सीमांत में बढ़ सकता है नकदी संकट
अमर उजाला ब्यूरो पिथौरागढ़।
Updated Tue, 19 Jun 2018 11:47 PM IST
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पिथौरागढ़ में केंद्र सरकार का पुतला फूंकते कांग्रेसी।
- फोटो : अमर उजाला
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सीमांत जिले में काफी समय से नकदी का संकट बना हुआ है। हालांकि बीच में नकदी आने से कुछ सुधार हुआ लेकिन शादी का सीजन शुरू होने के चलते लोगों को एक बार फिर से नकदी संकट का सामना करना पड़ सकता है। निकाय चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं के साथ ही अगले दो-तीन माह में होने वाले विवाह आदि के लिए भी लोगों ने अभी से नकदी डंप कर ली है। लोगों को एटीएम से रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। इसके चलते उन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले कई दिनों से नगर और आसपास के एटीएम खाली पड़े हैं। बैंकों में नकदी लेने के लिए लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। धन निकासी के लिए सबसे अधिक मारामारी एसबीआई मुख्य ब्रांच में देखी जा रही है। एसबीआई में अगले दो दिनों के लिए ही केश है। यदि एसबीआई को शीघ्र धन नहीं मिला तो स्थित विकट हो सकती है। बैंक प्रबंधकों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्र में काफी धन शराब में जाता है जो डंप हो जाता है। इसके अलावा जमीनों के सौदे में भी धन डंप हो रहा है। जमीन की रजिस्ट्री कम रुपये में होने और भू स्वामी को नकदी अधिक देने, अक्टूबर, नवंबर में होने वाले विवाह आदि कार्यक्रमों के लिए अभी से धन डंप कर दिए जाने से भी नकदी का संकट बना हुआ है।
इसके अलावा निकाय चुनाव लड़ने के संभावित दावेदारों ने भी बैंकों से धन निकासी की है। एसबीआई के उप प्रबंधक मुन्ना गिरी गोस्वामी ने बताया कि फिलहाल ग्राहकों को मांग के अनुरूप धन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगले दो-तीन दिनों में एसबीआई को करीब 70-80 करोड़ की धनराशि आगरा, जोशीमठ समेत अन्य दो बैंकों से मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि नकदी मिलने के बाद संकट काफी हद तक कम हो जाएगा और ग्राहकों को राहत मिलेगी।
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कांग्रेसियों ने फूंका केंद्र सरकार का पुतला
पिथौरागढ़। जिले में कैश की किल्लत से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका। उन्होंने देश में नकदी संकट के लिए मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले को जिम्मेदार बताया।
कांग्रेस कार्यकर्ता मंगलवार को पार्टी जिलाध्यक्ष मुकेश पंत के नेतृत्व में तिलढुकरी स्थित पार्टी कार्यालय के पास एकत्र हुए। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उसका पुतला दहन किया। पंत ने कहा कि इस समय शादियों का सीजन चल रहा है लेकिन लोग अपना ही जमा रुपया नहीं निकाल पा रहे हैं। लोगों को एटीएम और बैंकों से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। संतोष गोस्वामी और ललित पाल ने कहा कि आम आदमी नोटों की किल्लत से जूझ रहा है। व्यापारी बाजार में ग्राहक की गैर मौजूदगी से परेशान हैं। बावजूद इसके केंद्र की मोदी सरकार अपने चार वर्ष की सफलता का जश्न मना रही है। पीसीसी सदस्य दीपक लुंठी ने नकदी संकट के लिए मोदी सरकार के नोट बंदी के फैसले को जिम्मेदार बताया। इस मौके पर रोहन सौन, कोमल साही, मो. आसिफ, कुंडल महर, जावेद खान, जगदीश बिष्ट, मन्नु ठकुराठी, बंटी महर, हीरा सिंह बिष्ट, खीमराज जोशी, हयात चंद, संदीप गिरी, सुरेंद्र कोहली आदि मौजूद थे।
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पिछले कई दिनों से नगर और आसपास के एटीएम खाली पड़े हैं। बैंकों में नकदी लेने के लिए लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। धन निकासी के लिए सबसे अधिक मारामारी एसबीआई मुख्य ब्रांच में देखी जा रही है। एसबीआई में अगले दो दिनों के लिए ही केश है। यदि एसबीआई को शीघ्र धन नहीं मिला तो स्थित विकट हो सकती है। बैंक प्रबंधकों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्र में काफी धन शराब में जाता है जो डंप हो जाता है। इसके अलावा जमीनों के सौदे में भी धन डंप हो रहा है। जमीन की रजिस्ट्री कम रुपये में होने और भू स्वामी को नकदी अधिक देने, अक्टूबर, नवंबर में होने वाले विवाह आदि कार्यक्रमों के लिए अभी से धन डंप कर दिए जाने से भी नकदी का संकट बना हुआ है।
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इसके अलावा निकाय चुनाव लड़ने के संभावित दावेदारों ने भी बैंकों से धन निकासी की है। एसबीआई के उप प्रबंधक मुन्ना गिरी गोस्वामी ने बताया कि फिलहाल ग्राहकों को मांग के अनुरूप धन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगले दो-तीन दिनों में एसबीआई को करीब 70-80 करोड़ की धनराशि आगरा, जोशीमठ समेत अन्य दो बैंकों से मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि नकदी मिलने के बाद संकट काफी हद तक कम हो जाएगा और ग्राहकों को राहत मिलेगी।
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कांग्रेसियों ने फूंका केंद्र सरकार का पुतला
पिथौरागढ़। जिले में कैश की किल्लत से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका। उन्होंने देश में नकदी संकट के लिए मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले को जिम्मेदार बताया।
कांग्रेस कार्यकर्ता मंगलवार को पार्टी जिलाध्यक्ष मुकेश पंत के नेतृत्व में तिलढुकरी स्थित पार्टी कार्यालय के पास एकत्र हुए। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उसका पुतला दहन किया। पंत ने कहा कि इस समय शादियों का सीजन चल रहा है लेकिन लोग अपना ही जमा रुपया नहीं निकाल पा रहे हैं। लोगों को एटीएम और बैंकों से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। संतोष गोस्वामी और ललित पाल ने कहा कि आम आदमी नोटों की किल्लत से जूझ रहा है। व्यापारी बाजार में ग्राहक की गैर मौजूदगी से परेशान हैं। बावजूद इसके केंद्र की मोदी सरकार अपने चार वर्ष की सफलता का जश्न मना रही है। पीसीसी सदस्य दीपक लुंठी ने नकदी संकट के लिए मोदी सरकार के नोट बंदी के फैसले को जिम्मेदार बताया। इस मौके पर रोहन सौन, कोमल साही, मो. आसिफ, कुंडल महर, जावेद खान, जगदीश बिष्ट, मन्नु ठकुराठी, बंटी महर, हीरा सिंह बिष्ट, खीमराज जोशी, हयात चंद, संदीप गिरी, सुरेंद्र कोहली आदि मौजूद थे।