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नगर पालिका और जल संस्थान के बीच फंसा वाटर एटीएम का मामला
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संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़। रोडवेज स्टेशन के पास लगा वाटर एटीएम 6 माह से खराब है। बावजूद इसके वाटर एटीएम को ठीक करने को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। जल संस्थान का कहना है कि वाटर एटीएम लगाने के बाद नगर पालिका को हस्तांतरित कर दिया है, लेकिन नगर पालिका का कहना है कि अभी वाटर एटीएम को हस्तांतरित नहीं किया गया है। दोनों विभागों की खींचतान का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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रोडवेज स्टेशन के पास करीब 3.50 लाख रुपये की लागत से वाटर एटीएम स्थापित किया गया था। वाटर एटीएम की स्थापित होने के कुछ समय तक लोगों को वाटर एटीएम से शुद्ध पेयजल मिला। पिछले 6 माह से वाटर एटीएम के खराब होने के बाद ताले लटके हुए है। जब अमर उजाला ने जल संस्थान से वाटर एटीएम की खराबी का कारण पूछा तो ईई अशोक कुमार ने कहा कि उन्होंने वाटर एटीएम को नगर पालिका को हस्तांतरित कर दिया है। इस मामले जब नगर पालिका ईओ से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अभी वाटर एटीएम को जल संस्थान ने उन्हें हस्तांतरित नहीं किया गया है। दोनों खींचतान का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। गर्मी बढ़ने पर समस्या और गंभीर हो सकती है। लॉकडाउन होने के कारण अधिकतर दुकानें बंद चल रही हैं, जिस कारण लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। मानवाधिकार आयोग के सदस्य किशन चंद ने शीघ्र वाटर एटीएम को ठीक कर संचालित करने की मांग की है।
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