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गुरिल्लों की लड़ाई आगे बढ़ाएंगे धामी
ब्यूरो/अमर उजाला /पिथौरागढ़
Updated Sun, 22 Feb 2015 05:53 PM IST
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उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी एसएसबी के गुरिल्लों को एसएसबी में समायोजित करने, उन्हें पेंशन दिलवाने के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय के सामने ठोस पैरवी की मांग मुख्यमंत्री हरीश रावत से करेंगे।
बंगापानी में गुरिल्ला संगठन के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत के संचालन में हुई गुरिल्लों की बैठक में शिरकत करते हुए धामी ने एसएसबी के स्वयंसेवकों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि एसएसबी ने दशकों तक स्वयंसेवकों से काम लिया है। पूर्वोत्तर राज्यों में गुरिल्लों को एसएसबी में समायोजित किया जा चुका है। इस राज्य के गुरिल्लोें की भी केंद्र सरकार को सुध लेनी चाहिए। 40 साल से कम उम्र के गुरिल्लों को एसएसबी में समायोजित करने और उससे अधिक उम्र के गुरिल्लों को पेंशन देने की मांग केंद्र सरकार को मान लेनी चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के सामने ठोस पैरवी करने के लिए मुख्यमंत्री से बात की जाएगी। जल्द ही गुरिल्ला संगठन के लोगों की भी मुलाकात मुख्यमंत्री से कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोनिवि, वन विभाग आदि में भी गुरिल्लों को समायोजित करने जा रही है। इस मामले में मुख्यमंत्री निर्णय ले चुके हैं। कहा कि वह गुरिल्लों को उनका हक दिलाने की लड़ाई मुकाम तक पहुंचाने में पूरी मदद करेंगे। बैठक में तमाम स्थानों से गुरिल्ला पहुंचे हुए थे।
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बंगापानी में गुरिल्ला संगठन के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत के संचालन में हुई गुरिल्लों की बैठक में शिरकत करते हुए धामी ने एसएसबी के स्वयंसेवकों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि एसएसबी ने दशकों तक स्वयंसेवकों से काम लिया है। पूर्वोत्तर राज्यों में गुरिल्लों को एसएसबी में समायोजित किया जा चुका है। इस राज्य के गुरिल्लोें की भी केंद्र सरकार को सुध लेनी चाहिए। 40 साल से कम उम्र के गुरिल्लों को एसएसबी में समायोजित करने और उससे अधिक उम्र के गुरिल्लों को पेंशन देने की मांग केंद्र सरकार को मान लेनी चाहिए।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय के सामने ठोस पैरवी करने के लिए मुख्यमंत्री से बात की जाएगी। जल्द ही गुरिल्ला संगठन के लोगों की भी मुलाकात मुख्यमंत्री से कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोनिवि, वन विभाग आदि में भी गुरिल्लों को समायोजित करने जा रही है। इस मामले में मुख्यमंत्री निर्णय ले चुके हैं। कहा कि वह गुरिल्लों को उनका हक दिलाने की लड़ाई मुकाम तक पहुंचाने में पूरी मदद करेंगे। बैठक में तमाम स्थानों से गुरिल्ला पहुंचे हुए थे।
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