फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Can not stop the route if it does not turn short Kailash travel

मार्ग नहीं सुधरा तो बंद हो सकती है छोटा कैलाश यात्रा

Sat, 23 Jun 2018 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे पिथौरागढ़।
अमर उजाला ब्यूराे पिथौरागढ़। Updated Sat, 23 Jun 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
Can not stop the route if it does not turn short Kailash travel
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग इस तरह से है बदहाल। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
 चीन सीमा तक बन रही सड़क की कटिंग से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग लखनपुर- नजंग के बीच बेहद खराब हो गया है। पैदल मार्ग के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने से भारत-चीन व्यापार के लिए जा रहे व्यापारियों के साथ ही माइग्रेशन कर रहे सीमांत के लोग परेशान हैं। छोटा कैलाश यात्री भी जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। यही स्थिति रही तो इस साल छोटा कैलाश यात्रा का संचालन बीच में ही बंद करना पड़ सकता है।  
विज्ञापन


चीन सीमा तक बन रही सड़क की कटिंग के दौरान लखनपुर से नजंग के बीच फरवरी माह में लगभग डेढ़ किमी लंबा कैलाश मानसरोवर पैदल मार्ग ध्वस्त हो गया था। कैलाश मानसरोवर यात्रा को देखते हुए प्रशासन के निर्देश पर बीआरओ ने इस पैदल मार्ग को आवाजाही के लायक बनाया। इसके बाद छोटा कैलाश के दो एडवांस बैच और दो यात्री दलों के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रियों का पहला बैच भी इसी मार्ग से भेजा गया। मार्ग के बेहद खराब होने से कैलाश यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। कई यात्री देर रात बूंदी स्थित पड़ाव पहुंच पाए थे। पैदल जाने वालों को 3.50 किमी की खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ रही हैं। इस मार्ग में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। मार्ग की स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय के निर्देश पर कैलाश यात्रा का रूट बदल दिया गया। अब कैलाश यात्रियों को एयरलिफ्ट कर पिथौरागढ़ से सीधे गुंजी पहुंचाया जा रहा है। जबकि छोटा कैलाश यात्रा का संचालन इसी ध्वस्त पैदल मार्ग से हो रहा है। छोटा कैलाश यात्रा के छह दल यात्रा पर जा चुके हैं। इनमें से पहला-दूसरा दल वापस लौट चुके हैं। पहले दल ने अव्यवस्थाओं को लेकर रोष भी जताया था।  
विज्ञापन


सड़क कटिंग के कारण पैदल मार्ग के पूरी तरह से ध्वस्त होने से भारत-चीन व्यापार के लिए तकलाकोट जा रहे व्यापारी और माइग्रेशन पर जा रहे ग्रामीण भी आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं। बरसात के मौसम में सड़क कटिंग का काम जारी रहने से पैदल मार्ग के और अधिक बदहाल होने की आशंका है। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है। छोटा कैलाश यात्रियों के लिए हेलीकाप्टर की व्यवस्था नहीं है। हर बैच के साथ दो सदस्यीय रेस्क्यू टीम भी भेजी जा रही है, लेकिन छोटा कैलाश यात्रा का संचालन कर रहा कुमांऊ मंडल विकास निगम भी मार्ग की बदहाली के कारण अधिक रिस्क लेने के पक्ष में नहीं है। इससे छोटा कैलाश यात्रा के शेष दलों के संचालन पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यदि मार्ग नहीं सुधरा तो छोटा कैलाश यात्रा बीच में ही बंद हो सकती है।  
विज्ञापन
विज्ञापन



.....इनसेट.....
- छोटा कैलाश यात्रा का संचालन केएमवीएन के लिए फायदेमंद रहता है। हर साल इस यात्रा में लगभग 16 से 18 बैच जाते हैं। प्रत्येक यात्री दल में सदस्यों की संख्या 20-25 होती है। दिल्ली या धारचूला से दल में शामिल होने वाले यात्री से 35 हजार से लेकर 30500 रुपये पंजीकरण के लिए जाते हैं। धारचूला से ओम पर्वत तक की लगभग एक सौ किमी की यात्रा में यात्रियों के भोजन, शिविर में रात्रि विश्राम, सामान ढुलान सहित अन्य प्रबंध केएमवीएन करता है। यदि यात्रा का संचालन बीच में ही रुका तो केएमवीएन की आय भी प्रभावित होगी।  

.......कोट
- अब तक आधा दर्जन बैच छोटा कैलाश की यात्रा पर जा चुके हैं। हर यात्री दल के साथ दो सदस्यीय रेस्क्यू टीम तैनात की गई है। छोटा कैलाश यात्रियों के लिए हेलीकाप्टर की व्यवस्था नहीं की जा सकती है। यदि मार्ग चलने लायक नहीं रहा तो आगे की यात्रा स्थगित करनी पड़ेगी।  
-टीएस मर्तोलिया
जीएम, केएमवीएन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed