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बस्तड़ी के आपदा प्रभावित अब करेंगे आंदोलन

Mon, 05 Sep 2016 10:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट (पिथौरागढ़)
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट (पिथौरागढ़) Updated Mon, 05 Sep 2016 10:23 PM IST
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Bstdi will now affect the movement of the disaster
बस्तड़ी के आपदा प्रभावित अब करेंगे आंदोलन - फोटो : अमर उजाला

सरकारी और प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज बस्तड़ी के आपदा प्रभावितों ने अब आंदोलन करने का फैसला ले लिया है। प्रभावितों का कहना है कि ठुलखाली में जिस स्थान पर नया बस्तड़ी बसाने के लिए आम सहमति बनी थी वहां पर प्रशासन अब तक न तो पेयजल की लाइन बिछा पाया है और न बिजली की ही व्यवस्था हो पाई है।

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प्रशासन ने सिर्फ टेंट तो लगा दिए लेकिन उनमें रहने लायक कोई व्यवस्था नहीं की गई। प्रभावितों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने खुद बस्तड़ी आकर घोषणा की थी कि नया बस्तड़ी बसाया जाएगा। दो माह बीत गए हैं लेकिन नया बस्तड़ी बसाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। बस्तड़ी गांव 30 जून को आई आपदा के समय पूरी तरह तबाह हो गया था। कई लोगों की जान चली गई। लोग गांव छोड़कर सिंघाली में बनाए गए राहत शिविरों में रह रहे हैं।
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बस्तड़ी में आपदा प्रभावितों ने सामाजिक कार्यकर्ता शंकर दत्त भट्ट की अध्यक्षता में सोमवार को बैठक की। आपदा प्रभावित गोविंद भट्ट ने कहा कि आपदा के समय राज्य और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों तथा स्वयं मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बस्तड़ी में पहुंचकर बस्तड़ी में जिंदा बचे लोगों को नया बस्तड़ी (ठुलखाली) में बसाने की घोषणा की थी।
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एक जुलाई से 20 जुलाई तक सभी राजनैतिक दलों के लोग बस्तड़ी के आपदा प्रभावितों के साथ खड़े होने का ड्रामा करते रहे। आज न तो नया बस्तड़ी में कोई काम हो रहे हैं और न ही सत्ता में बैठे दलों के लोग नया बस्तड़ी को बसाने के लिये कोई पहल कर रहे हैं। आपदा प्रभावितों ने कहा कि अगर शीघ्र सरकार नया बस्तड़ी में पक्के मकानों का निर्माण और अन्य सुविधाएं प्रदान करने की कार्रवाई नहीं करती है तो सभी आपदा प्रभावित भूख हड़ताल आंदोलन शुरू कर देंगे। कहा गया कि नया बस्तड़ी में अब तक पेयजल लाइन नहीं बिछी है। बिजली के पोल पहुंचाए तो हैं लेकिन अब तक लाइन और पोल नहीं लगे हैं। जो टेंट बनाए गए हैं उनका बस्तड़ी के लोग पहले ही बहिष्कार कर चुके हैं।

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