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Pithoragarh News: घर से खाना लाओ, तब खेलने आओ और पदक भी लाओ

Thu, 19 Sep 2024 11:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 19 Sep 2024 11:38 PM IST
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Bring food from home, then come to play and also bring a medal.
हैंडपंप से अपनी प्यास बुझाते जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में पहुंचे विद्यार्थी। संवाद
पिथौरागढ़। प्रदेश में विद्यार्थियों को खेलों से जोड़कर उनका भविष्य संवारने के खूब दावे हो रहे हैं। करोड़ों रुपये का बजट भी इसके लिए खर्च किया जा रहा है। खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद भी कम नहीं है, लेकिन खिलाड़ियों को खिलाने के लिए सरकार के पास बजट नहीं है। जिला मुख्यालय में आयोजित जनपदीय विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिता में शामिल होने पहुंचे जिले के आठों विकासखंड के 450 से अधिक विद्यार्थियों को न तो खाना नसीब हुआ और न पीने के लिए पानी। बेहतर भविष्य की उम्मीद में पहुंचे विद्यार्थी चिलचिलाती धूप में भूखे-प्यासे रहकर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मजबूर हुए।
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दरअसल जिला मुख्यालय के जीआईसी खेल मैदान में बृहस्पतिवार को जिला स्तरीय विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिले के आठों विकासखंडों से 20 से 120 किमी का सफर तय कर 14 से 19 वर्ष के 450 से अधिक छात्र-छात्राएं बेहतर प्रदर्शन कर खेलों में अपना भविष्य बनाने के साथ ही प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का सपना लिए जिला मुख्यालय पहुंचे। खिलाड़ियों के लिए न तो भोजन की व्यवस्था थी न तो पीने के पानी की। बदन जलाने वाली गर्मी में नौनिहालों को भूखे-प्यासे रहकर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मजबूर होना पड़ा। विद्यार्थियों को खेलों से जोड़कर उनका भविष्य बनाने के दावे कर इसके लिए करोड़ों का बजट खर्च किया जा रहा है। हैरानी है कि नौनिहालों के खाने के लिए बजट की व्यवस्था तक नहीं है। इस अनदेखी के चलते विद्यार्थी भूखे पेट खेलते हुए घर लौटना पड़ा। संवाद
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प्यास बुझाने के लिए लगाई हैंडपंप की दौड़
पिथौरागढ़। जीआईसी के खेल मैदान में पूरे दिन खिलाड़ी भूखे पेट पसीना बहाते रहे। पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं मिली। नौनिहालों को चटख धूप में अपनी प्यास बुझाने के लिए हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा। वहीं कई विद्यार्थियों ने चने खाकर अपनी भूख मिटाई।
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भूख और पानी की कमी से कई खिलाड़ी हुए बेहोश
पिथौरागढ़। मुनस्यारी, धारचूला, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग सहित अन्य विकासखंडों से लंबा सफर तक कर विद्यार्थी जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्हें खुले आसमान के नीचे चटख धूप के बीच खेलना पड़ा। भूख और प्यास से कई बच्चे बेहोश हो गए। किसी तरह खेल समन्वयकों और साथियों ने उन्हें संभाला।
किराया देकर जिला मुख्यालय पहुंचे खिलाड़ी
पिथौरागढ़। खेल समन्वयकों ने बताया कि खिलाड़ियों को उनके विद्यालयों से जिला मुख्यालय लाने के लिए बजट की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को किराए के लिए अभिभावकों से पैसे मांगकर जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ा। यहां से घर लौटने के लिए भी उन्होंने किराया चुकाया।

कोट
विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिताओं में शामिल विद्यार्थियों के भोजन और किराए के लिए बजट की कोई व्यवस्था नहीं है। ब्लॉक खेल समन्वयक अपनी व्यवस्था से विद्यार्थियों को खेलकूद प्रतियोगिताओं में शामिल कराते हैं। प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों से घर से खाना लाने के लिए कहा गया था। - विक्रम दिगारी, जिला खेल समन्वयक, विद्यालयी खेल, पिथौरागढ़।


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