{"_id":"58ebca764f1c1be275cf4f36","slug":"bridge-work-stopped","type":"story","status":"publish","title_hn":" रेता न मिलने से पुल का काम रुका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेता न मिलने से पुल का काम रुका
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अस्कोट (पिथौरागढ़)।
Updated Mon, 10 Apr 2017 11:39 PM IST
विज्ञापन
अधूरा पुल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अस्कोट (पिथौरागढ़)। खनन पर रोक का असर पिथौरागढ़-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर अस्कोट के पास पिनौड़ागाड़ में बन रहे मोटर पुल पड़ने लगा है। रेता न मिलने से पुल का निर्माण रुक गया है। बार्डर रोड आर्गनाइजेशन (बीआरओ) 2016 सेपिनौड़ागाड़ में 50 मीटर लंबे, 12 मीटर चौड़े मोटर पुल का निर्माण कर रहा है। इस स्थान पर पहाड़ी से मलबा गिरता है।
विज्ञापन
मलबा गिरने से हर साल बरसात में अक्सर रोड बंद रहती है। सड़क को बंद होने से बचाने के लिए 70 टन भार क्षमता वाले पुल का निर्माण किया जा रहा है। पुल का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो गया है। पुल में लिंटर पड़ना है। खनन पर हाइकोर्ट की रोक के कारण रेता न मिलने से पुल का निर्माण कार्य रुक गया है।
विज्ञापन
बीआरओ के ब्रिज कंस्ट्रक्शन कंपनी के जेई राजेश कुमार कहते हैं कि पिनौड़ागाड़ मोटर पुल का काम जुलाई 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। खनन पर रोक के कारण रेता नहीं मिल पा रहा है। इससे पुल निर्माण में देरी हो सकती है।
विज्ञापन
सामाजिक कार्यकर्ता रिटायर्ड कैप्टन गोपाल सिंह पाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष टिकेंद्र पाल कहते हैं कि यातायात सुचारु रखने के लिए पिनौड़ागाड़ पुल का निर्माण तत्काल होना चाहिए। इसमें आ रही बाधा को दूर करने में प्रशासन और सरकार को भी मदद करनी चाहिए।