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Pithoragarh News: घाट बैंड पर बोल्डरों की बारिश से 10 घंटे थमी सांसें
Sat, 12 Sep 2026 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 12 Sep 2026 10:50 PM IST
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पिथौरागढ़। मौसम खुलने के बाद ऑलवेदर सड़क पर सुरक्षित आवाजाही करना चुनौती बन गया है और इस पर कई सवाल उठ रहे हैं। टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑलवेदर सड़क पर घाट बैंड के पास मौसम साफ होने के बाद भी पहाड़ी से बोल्डरों और पत्थरों की बारिश शुरू हो गई। ऐसे में 10 घंटे तक सड़क पर आवाजाही ठप रही।
सड़क के दोनों तरफ सैकड़ों यात्रियों के साथ ही टैक्सी, माल वाहक वाहन, रोडवेज बसों के साथ एंबुलेंस भी फंसी रहीं। न तो यात्री गंतव्य को रवाना हो सके और न ही दूध, फल, सब्जी, सरिया, सीमेंट सहित अन्य सामान पिथौरागढ़ पहुंच सका। सड़क के दोनों तरफ डेढ़ किलोमीटर के दायरे में वाहनों की कतार लगी रही।
घाट बैंड के पास शुक्रवार सुबह पांच बजे के करीब पहाड़ी से पत्थर और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से आवाजाही ठप हो गई। मैदानी क्षेत्रों से आने वालीं और जिला मुख्यालय से मैदान को जाने वालीं सभी रोडवेज बस, टैक्सियां और माल वाहक वाहन सड़क के दोनों तरफ फंस गए।
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हालात यह रहे कि लगातार गिरते बोल्डरों के बीच यात्रियों का पैदल दूसरी तरफ निकलना भी मुश्किल हुआ। मैदानी क्षेत्रों से आने वालीं दूध, सब्जी सहित अन्य माल वाहक वाहन फंसने से आपूर्ति भी लड़खड़ा गई।
घंटों इंतजार के बाद पहाड़ी से बोल्डर गिरना बंद नहीं हुआ तो कई वाहन चालक और यात्री वापस जिला मुख्यालय लौटने के लिए मजबूर हुए। इस दौरान जिला मुख्यालय से मरीजों को हायर सेंटर ले जा रहीं तीन एंबुलेंस भी फंस गईं।
मरीजों को पीड़ा में सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। बमुश्किल शाम तीन बजे पहाड़ी से गिरते बोल्डरों के बीच सुरक्षित तरीके से वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई गई तब जाकर यात्री और मरीज गंतव्य को रवाना हुए। इसके बाद भी पूरे दिन पहाड़ी से बोल्डर गिरने से वाहन और यात्री फंसते रहे।
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किसी की ट्रेन तो किसी की छूटी बस
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से कई यात्री, दिल्ली, देहरादून, लखनऊ सहित अन्य मैदानी क्षेत्रों के लिए रवाना हुए। जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर घाट बैंड के पास रोडवेज बस और टैक्सियों के पहिए रुक गए जो घंटों बाद भी नहीं घूमे। ऐसे में यात्रियों का समय पर टनकपुर और हल्द्वानी पहुंचना मुश्किल हो गया। थल के कैलाश सिंह, पीपली के लक्ष्मी दत्त ने बताया कि उन्हें हल्द्वानी से दिल्ली के लिए ट्रेन पकड़नी थी। सड़क बंद होने से अब उनके लिए समय पर हल्द्वानी पहुंचना मुश्किल होगा। ऐसे में उनकी ट्रेन छूट जाएगी। वहीं सतगढ़ गांव के संजय ने बताया कि वह इलाज के लिए हल्द्वानी जा रहे थे। घाट बैंड के पास सड़क बंद होने से वह आगे नहीं बढ़ सके और उन्हें सफर स्थगित कर वापस लौटना पड़ा।
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एनडीए की परीक्षा देने जा रहे परीक्षार्थियों की बढ़ी दिक्कत
पिथौरागढ़। रविवार यानी आज एनडीए की परीक्षा है। सीमांत जिले में परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। ऐसे में जिले के 400 से अधिक परीक्षार्थी शनिवार सुबह एनडीए की परीक्षा देने अल्मोड़ा, हल्द्वानी, देहरादून आदि परीक्षा केंद्रों को रवाना हुए। घाट के पास सड़क बंद होने से उनके लिए आगे का सफर तय करना चुनौती बन गया। एनडीए की परीक्षा देहरादून जा रहे कनालीछीना के उमेश सिंह, पीपली के संयज आदि ने बताया कि सड़क बंद होने से उन्हें समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने की चिंता सता रही है। यदि समय पर परीक्षा देने नहीं पहुंचे तो मुश्किल होगी। संवाद
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घाट बैंड के पास पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिरने से दिक्कत आई। सुरक्षित तरीके से वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई गई। पहाड़ी के ट्रीटमेंट की भी स्वीकृति मिली है। ट्रीटमेंट के बाद यह दिक्कत हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। -भूपेंद्र महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़
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सड़क के दोनों तरफ सैकड़ों यात्रियों के साथ ही टैक्सी, माल वाहक वाहन, रोडवेज बसों के साथ एंबुलेंस भी फंसी रहीं। न तो यात्री गंतव्य को रवाना हो सके और न ही दूध, फल, सब्जी, सरिया, सीमेंट सहित अन्य सामान पिथौरागढ़ पहुंच सका। सड़क के दोनों तरफ डेढ़ किलोमीटर के दायरे में वाहनों की कतार लगी रही।
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घाट बैंड के पास शुक्रवार सुबह पांच बजे के करीब पहाड़ी से पत्थर और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से आवाजाही ठप हो गई। मैदानी क्षेत्रों से आने वालीं और जिला मुख्यालय से मैदान को जाने वालीं सभी रोडवेज बस, टैक्सियां और माल वाहक वाहन सड़क के दोनों तरफ फंस गए।
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हालात यह रहे कि लगातार गिरते बोल्डरों के बीच यात्रियों का पैदल दूसरी तरफ निकलना भी मुश्किल हुआ। मैदानी क्षेत्रों से आने वालीं दूध, सब्जी सहित अन्य माल वाहक वाहन फंसने से आपूर्ति भी लड़खड़ा गई।
घंटों इंतजार के बाद पहाड़ी से बोल्डर गिरना बंद नहीं हुआ तो कई वाहन चालक और यात्री वापस जिला मुख्यालय लौटने के लिए मजबूर हुए। इस दौरान जिला मुख्यालय से मरीजों को हायर सेंटर ले जा रहीं तीन एंबुलेंस भी फंस गईं।
मरीजों को पीड़ा में सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। बमुश्किल शाम तीन बजे पहाड़ी से गिरते बोल्डरों के बीच सुरक्षित तरीके से वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई गई तब जाकर यात्री और मरीज गंतव्य को रवाना हुए। इसके बाद भी पूरे दिन पहाड़ी से बोल्डर गिरने से वाहन और यात्री फंसते रहे।
किसी की ट्रेन तो किसी की छूटी बस
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से कई यात्री, दिल्ली, देहरादून, लखनऊ सहित अन्य मैदानी क्षेत्रों के लिए रवाना हुए। जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर घाट बैंड के पास रोडवेज बस और टैक्सियों के पहिए रुक गए जो घंटों बाद भी नहीं घूमे। ऐसे में यात्रियों का समय पर टनकपुर और हल्द्वानी पहुंचना मुश्किल हो गया। थल के कैलाश सिंह, पीपली के लक्ष्मी दत्त ने बताया कि उन्हें हल्द्वानी से दिल्ली के लिए ट्रेन पकड़नी थी। सड़क बंद होने से अब उनके लिए समय पर हल्द्वानी पहुंचना मुश्किल होगा। ऐसे में उनकी ट्रेन छूट जाएगी। वहीं सतगढ़ गांव के संजय ने बताया कि वह इलाज के लिए हल्द्वानी जा रहे थे। घाट बैंड के पास सड़क बंद होने से वह आगे नहीं बढ़ सके और उन्हें सफर स्थगित कर वापस लौटना पड़ा।
एनडीए की परीक्षा देने जा रहे परीक्षार्थियों की बढ़ी दिक्कत
पिथौरागढ़। रविवार यानी आज एनडीए की परीक्षा है। सीमांत जिले में परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। ऐसे में जिले के 400 से अधिक परीक्षार्थी शनिवार सुबह एनडीए की परीक्षा देने अल्मोड़ा, हल्द्वानी, देहरादून आदि परीक्षा केंद्रों को रवाना हुए। घाट के पास सड़क बंद होने से उनके लिए आगे का सफर तय करना चुनौती बन गया। एनडीए की परीक्षा देहरादून जा रहे कनालीछीना के उमेश सिंह, पीपली के संयज आदि ने बताया कि सड़क बंद होने से उन्हें समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने की चिंता सता रही है। यदि समय पर परीक्षा देने नहीं पहुंचे तो मुश्किल होगी। संवाद
घाट बैंड के पास पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिरने से दिक्कत आई। सुरक्षित तरीके से वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई गई। पहाड़ी के ट्रीटमेंट की भी स्वीकृति मिली है। ट्रीटमेंट के बाद यह दिक्कत हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। -भूपेंद्र महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़