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रोड कटिंग से पेयजल लाइन टूटी

Wed, 14 Mar 2018 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे पिथौरागढ़।
अमर उजाला ब्यूराे पिथौरागढ़। Updated Wed, 14 Mar 2018 11:34 PM IST
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Break the Drinking Water Line from Road Cutting
स्कोट के जमतड़ी में सड़क निर्माण से टूटी पेयजल लाइन, प्लास्टिक का पाइप लगा हो रही आपूर्ति। - फोटो : अमर उजाला
 देव बिसूना सड़क निर्माण कार्य की चपेट में आकर जमतड़ी की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से गांव की पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है। ग्रामीण जैसे-तैसे पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। लोगों का आरोप हैं कि जल संस्थान ने अभी तक क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत नहीं की है।
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अस्कोट की ग्राम सभा जमतड़ी में छीनीगाढ़ पेयजल योजना से आपूर्ति की जाती है। गांव के 60 परिवार इस योजना पर निर्भर हैं। इन दिनों गांव में देव बिसूना सड़क का निर्माण चल रहा है। पिछले दिनों निर्माण के दौरान पेयजल योजना का पाइप टूट गया। इससे गांव में आपूर्ति बंद हो गई। ग्रामीणों ने जल संस्थान को लाइन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी और मरम्मत की मांग की। लेकिन अभी तक जल संस्थान के किसी कर्मी ने मौका मुआयना करने की भी जहमत नहीं उठाई। ग्रामीण टूटी लाइन में रबर की पाइप जोड़कर किसी तरह पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। इसके बाद भी ग्रामीणों को पूरा पानी नहीं मिल पा रहा है।
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ग्राम प्रधान गोविंद सिंह भंडारी ने बताया कि सूचना के बावजूद जल संस्थान ने लाइन की मरम्मत नहीं कराई है। भगवान सिंह, नारायण सिंह, मदन सिंह, हिम्मत सिंह, धरम सिंह आदि ग्रामीणों आपूर्ति जल्द बहाल करने की मांग की है।
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आपदा प्रभावितों को फिर थमाए बिल
जमतड़ी गांव के आपदा प्रभावित ग्रामीणों को जल संस्थान ने फिर से बिल थमाए दिए हैं। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। वर्ष 2017 की आपदा में छीनीगाड़ पेयजल योजना ध्वस्त हो गई थी। ग्रामीणों को महीनों तक पानी नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके बिलों में पिछली राशि भी जुड़कर आई है। जबकि पहले इस बिल को विभाग द्वारा माफ किया जा चुका है। उन्होंने पिछला बिल देने से इंकार कर दिया है। जल संस्थान के जेई केके भट्ट का कहना है कि तकनीकी चूक के चलते माफ की गई धनराशि भी बिलों में जुड़ गई। बिलों में सुधार किया जाएगा।
 
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