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बिटिया की विदाई के समय आपदा का दर्द याद आया
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी
Updated Tue, 09 May 2017 11:05 PM IST
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आपदा पीड़ित राधा अपने दूल्हे बच्चन के साथ
- फोटो : amar ujala
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30 जून 2016 की कुमालगौनी आपदा में अपना घर, आंगन गंवाने वाली एक बिटिया की मंगलवार को शादी हो गई। कुमालगौनी के आपदा प्रभावितों के साथ ही स्थानीय लोगों ने बिटिया की विदाई में कोई कसर नहीं छोड़ी, पर अपने घर, आंगन से विदाई होने के स्थान पर पंचायतघर से विदाई होने का दर्द दुल्हन के साथ ही परिजनों में साफ झलक रहा था।
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कुमालगौनी के आपदा प्रभावित गोपाल राम और कलावती देवी की पुत्री राधा (18) का विवाह होकरा निवासी जीआईसी होकरा में पीटीए की ओर से तैनात शिक्षक बच्चन कुमार (25) पुत्र जसराम आर्य के साथ हुआ। बारात धूमधाम से नाचनी स्थित आपदा प्रभावितों के अस्थायी आवास पहुंची। घरातियों ने बारातियों की आवभगत की। विवाह की रस्म पूरी होने के बाद परिजनों और गांव के लोगों ने भीगी पलकों से दुल्हन को विदा किया।
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बारात के मौके पर जुटे लोग सुबह से ही घर, जमीन गंवाने के दर्द पर चर्चा कर रहे थे। दुल्हन के साथ ही उसके परिजन और गांव के अन्य आपदा प्रभावित घर, गांव को याद कर रो रहे थे। दुल्हन राधा और उसके माता-पिता ने कहा कि मौका खुशी का है, लेकिन विदाई उस आंगन से होती, जिस आंगन में बचपन बीता है, तो अच्छा होता। कुमालगौनी हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी। तब से आपदा पीड़ित पंचायत घर में बनाए गए राहत कैंप में रह रहे हैं। उसी राहत कैंप से राधा का विवाह हुआ।
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