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भक्ति के प्रभाव में प्रभु केवट से मांगते हैं नाव:श्यामा भारती
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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान में पूजा अर्चना करती महिलाएं। अमर उजाला
- फोटो : PITHORAGARH
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान में चल रहे श्रीरामकथामृत में केवट प्रसंग का सुंदर ढंग से वर्णन किया गया। सोमेश्वर महादेव मंदिर रई गुफा में श्रीमद्देवी भागवत और अस्कोट के मल्लिकार्जुन महादेव मंदिर में शिवपुराण जारी है।
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान में केवट का प्रसंग सुनाते हुए विदुषी श्यामा भारती ने कहा कि केवटराज गुह भगवान राम के अनन्य भक्त थे। उनके मन में प्रभुके लिए प्रेम का भाव था। इसी प्रेम के बंधन में बंधकर भगवान राम केवट के पास जाते हैं और उनसे गंगा पार कराने का आग्रह करते हैं। यह भक्ति का ही प्रभाव था कि जिस प्रभु से सारा संसार मांगता है, वह साधारण नाविक से मांग रहे हैं। मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र बोहरा, उनकी धर्मपत्नी दीपिका बोहरा थीं। यजमान नरेंद्र पाल, कल्पना पाल, कैप्टन पुष्कर सिंह महर, हीरा महर, रेवती जोशी थे। रई में व्यास हरिओम द्विवेदी ने प्रवचन दिए। महंत वंशी गिरी महाराज, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह अन्ना की देखरेख में आयोजन हो रहा है।
अस्कोट में चल रहे महाशिवपुराण में व्यास एनडी पंत ने नंदी के जन्म की कहानी सुनाते हुए बताया कि सिलाज मुनी ने तपस्या कर भगवान शंकर से शिव समान पुत्र का वर मांगा। नंदी के रूप में भगवान शंकर ने जन्म लिया। उन्होंने 12 ज्योर्तिलिंगों का वर्णन किया। पंडित गिरीश चंद्र पंत ने यजमान दिगंबर पाल, सरस्वती पाल के हाथों नित्यकर्म संपन्न कराया। आयोजन में पूर्व जिला युवा कल्याण अधिकारी देवकीनंदन पंत आदि सहयोग कर रहे हैं।
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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान में केवट का प्रसंग सुनाते हुए विदुषी श्यामा भारती ने कहा कि केवटराज गुह भगवान राम के अनन्य भक्त थे। उनके मन में प्रभुके लिए प्रेम का भाव था। इसी प्रेम के बंधन में बंधकर भगवान राम केवट के पास जाते हैं और उनसे गंगा पार कराने का आग्रह करते हैं। यह भक्ति का ही प्रभाव था कि जिस प्रभु से सारा संसार मांगता है, वह साधारण नाविक से मांग रहे हैं। मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र बोहरा, उनकी धर्मपत्नी दीपिका बोहरा थीं। यजमान नरेंद्र पाल, कल्पना पाल, कैप्टन पुष्कर सिंह महर, हीरा महर, रेवती जोशी थे। रई में व्यास हरिओम द्विवेदी ने प्रवचन दिए। महंत वंशी गिरी महाराज, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह अन्ना की देखरेख में आयोजन हो रहा है।
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अस्कोट में चल रहे महाशिवपुराण में व्यास एनडी पंत ने नंदी के जन्म की कहानी सुनाते हुए बताया कि सिलाज मुनी ने तपस्या कर भगवान शंकर से शिव समान पुत्र का वर मांगा। नंदी के रूप में भगवान शंकर ने जन्म लिया। उन्होंने 12 ज्योर्तिलिंगों का वर्णन किया। पंडित गिरीश चंद्र पंत ने यजमान दिगंबर पाल, सरस्वती पाल के हाथों नित्यकर्म संपन्न कराया। आयोजन में पूर्व जिला युवा कल्याण अधिकारी देवकीनंदन पंत आदि सहयोग कर रहे हैं।
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