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Pithoragarh: बीआरओ ने तवाघाट-लिपुलेख सड़क के ज्योतिनाला में बनाया अस्थाई बेली ब्रिज

Mon, 01 Feb 2021 06:12 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़) Published by: हल्द्वानी ब्यूरो Updated Mon, 01 Feb 2021 06:12 PM IST
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Pithoragarh: BRO constructed temporary belly bridge in Jyotinala of Tawaghat-Lipulekh road
बैली ब्रिज - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

बीआरओ ने तवाघाट-लिपुलेख सड़क के ज्योतिनाला में वाहनों की आवाजाही के लिए अस्थायी बेली ब्रिज बना लिया है। पुल बनने के बाद वाहनों का संचालन शुरू हो गया है। इससे सीमांत के लोगों के साथ ही सीमा पर तैनात जवानों को राहत मिल गई है। इस स्थान पर पुल के निर्माण के लिए पिछले दस दिनों से यातायात बंद था। यह आरसीसी पुल सालभर के भीतर बन जाएगा।

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तवाघाट-लिपुलेख सड़क में ज्योतिनाला के पास आरसीसी पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। पुल निर्माण के कारण पिछले 10 दिनों से यातायात बंद था। इसके चलते ज्योतिनाला से आगे वाहनों का संचालन ठप होने से स्थानीय लोगों और सीमांत में तैनात जवानों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। बीआरओ की टीम ने यातायात सुचारु करने के लिए दिन-रात युद्ध स्तर पर कार्य करके अस्थायी बेली ब्रिज का निर्माण पुरा कर लिया।
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बीआरओ के एक अधिकारी ने बताया कि ज्योतिनाला में पुराने पुल के स्थान पर आरसीसी का 70 टन वजनी पुल बनाया जा रहा है। तवाघाट-लिपुलेख सड़क के सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने से आरसीसी पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इससे भविष्य में बड़े वाहनों की आसानी से आवाजाही हो सके। उन्होंने बताया कि यह आरसीसी पुल एक साल के भीतर बन जाएगा। इस दौरान लोगों को आवाजाही में कोई दिक्कत न हो इसको देखते हुए ज्योतिनाला के पुराने पुल के पास नया अस्थायी पुल और पैदल पुल बनाया गया है।
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अस्थायी व्यवस्था के बिना पुराना पुल तोड़ने से आक्रोश
चीन सीमा के लिए बने लिपुलेख सड़क के ज्योतिनाला में वैकल्पिक व्यवस्था के बिना पुराना पुल तोड़ने से पंचायत प्रतिनिधियों में नाराजगी है। जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया का कहना है कि सामरिक महत्व की इस सड़क में दस दिन से अधिक समय तक वाहनों का आवागमन बंद रहा। वाहनों का आवागमन ठप होने से चौदास और व्यास घाटी के 17 गांवों की जनता को परेशानी उठानी पड़ी है, जबकि सड़क के महत्व को देखते हुए पहले वाहनों के संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी। उन्होंने डीएम को पत्र भेजकर बिना पूर्व सूचना के पुराने पुल को तोड़ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

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