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बर्फ से लकदक हुआ नामिक
Thu, 07 Feb 2019 11:20 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Thu, 07 Feb 2019 11:20 PM IST
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बर्फ से लकदक नामिक गांव।
- फोटो : पिथौरागढ़
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उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांव नामिक में बृहस्पतिवार को करीब एक फुट बर्फ गिरी। यहां पिछले हफ्ते गिरी बर्फ अभ्ीा पिघली भी नहीं है। गांव में जरूरी सामान उपलब्ध है और इस वजह से भी नामिक के लोग राहत में हैं।
नामिक गांव वर्ष में छह माह बर्फ के आगोश में रहता है। अक्टूबर से मार्च तक गांव में बर्फ गिरती रहती है। अप्रैल तक नामिक गांव से तीन किमी दूर थाला ग्वार आदि स्थानों में बर्फ जमा रहती है। हाल के दिनों में हुई बर्फबारी से पूरे नामिक गांव ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली थी। यह बर्फ अभी पिघली भी नहीं थी कि बृहस्पतिवार को नामिक में एक बार फिर आधा से एक फुट तक बर्फ गिरी।
नामिक के क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह जैम्याल ने बताया कि जिले के बिर्थी से नामिक को जोड़ने वाला रास्ता बिर्थी से 17 किमी दूर धारापानी, शेर-सुंअरी धार, थाला ग्वार से लेकर गांव तक बर्फ से पटा है। बागेश्वर जिले के गोगिना से नामिक को जोड़ने वाले पैदल रास्ते से आवाजाही हो रही है। गांव में जरूरी सामान की किल्लत नहीं है। गांव की दुकान से आवश्यक सामान उपलब्ध है। बर्फबारी और हुई तो नामिक के लोगों को परेशानी होगी।
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नामिक गांव वर्ष में छह माह बर्फ के आगोश में रहता है। अक्टूबर से मार्च तक गांव में बर्फ गिरती रहती है। अप्रैल तक नामिक गांव से तीन किमी दूर थाला ग्वार आदि स्थानों में बर्फ जमा रहती है। हाल के दिनों में हुई बर्फबारी से पूरे नामिक गांव ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली थी। यह बर्फ अभी पिघली भी नहीं थी कि बृहस्पतिवार को नामिक में एक बार फिर आधा से एक फुट तक बर्फ गिरी।
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नामिक के क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह जैम्याल ने बताया कि जिले के बिर्थी से नामिक को जोड़ने वाला रास्ता बिर्थी से 17 किमी दूर धारापानी, शेर-सुंअरी धार, थाला ग्वार से लेकर गांव तक बर्फ से पटा है। बागेश्वर जिले के गोगिना से नामिक को जोड़ने वाले पैदल रास्ते से आवाजाही हो रही है। गांव में जरूरी सामान की किल्लत नहीं है। गांव की दुकान से आवश्यक सामान उपलब्ध है। बर्फबारी और हुई तो नामिक के लोगों को परेशानी होगी।
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