गुंजी में व्यापार शुरू होने से पहले बैंक खुलेगा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार को लेकर इस बार समय पर चल रही प्रक्रिया को देखकर लग रहा है कि गुंजी में भारतीय स्टेट बैंक की अस्थायी शाखा खुल जाएगी। करीब 3500 मीटर की ऊंचाई पर यह बैंक शाखा 1992 से लगातार खोली जा रही है। बैंक में कोर बैंकिंग सिस्टम रहेगा। यह बात अलग है कि अब तक बैंक में मुद्रा विनिमय की सुविधा नहीं मिल पाई है। बैंक में स्टाफ की तैनाती जून प्रथम सप्ताह में हो जाएगी। जून से लेकर अक्तूबर के अंत तक चलने वाली इस बैंक शाखा के माध्यम से व्यापारियों और स्थानीय लोगों को बैंकिंग सुविधा दी जाती है। इसके अलावा गुंजी में कस्टम आफिस भी खोला जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार के लिए गुंजी को भारतीय व्यापारिक मंडी घोषित किया गया है। भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों ने बताया कि गुंजी शाखा में ऐसे कर्मचारियों को ही तैनात किया जाता है जो वहां के मौसम के आदी हों। कोशिश यही की जाती है कि स्थानीय कर्मचारियों को ही नियुक्ति दी जाए। गुंजी बैंक शाखा में इस बार भी एक मैनेजर, दो क्लर्क और एक सहायक की तैनाती होगी। कर्मचारियों की आवासीय और भोजन व्यवस्था आईटीबीपी के सहयोग से होती है। स्टेट बैंक के प्रबंधक मुन्नागिरी गोस्वामी ने बताया कि स्टाफ की तैनाती व्यापार शुरू होने से पहले कर दी जाएगी। गुंजी शाखा में तैनात कर्मचारी 31 अक्तूबर को व्यापार अवधि समाप्त होने के बाद ही लौटेंगे।
गुंजी में अस्थायी थाना भी खुलेगा
गुंजी में अस्थायी थाना जून प्रथम सप्ताह में अस्तित्व में आ जाएगा। इस थाने के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा और भारत तिब्बत व्यापार के संचालन में मदद की जाती है। पुलिस अधीक्षक अजय जोशी ने गुंजी थाने में तैनात किए जाने वाले पुलिसकर्मियों की सूची तैयार कर ली है। गुंजी थाने में एक प्रभारी समेत दस कर्मचारी तैनात होंगे, जबकि यात्रा मार्ग पर कम से कम 40 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। गुंजी थाना भी अस्थायी रूप से काम करता है। कैलाश मानसरोवर यात्रा संपन्न होते ही थाना बंद हो जाएगा। व्यापार और यात्रा के कारण जून से गुंजी में चहल-पहले बढ़ने लग जाएगी।