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बुखारपुर गांव को गहरे जख्म दे गया हादसा

Fri, 18 May 2018 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे टनकपुर (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूराे टनकपुर (चंपावत)। Updated Fri, 18 May 2018 11:10 PM IST
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Bakharpur village was seriously injured in accident
हादसे के बाद रोते-बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला

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बरेली जिले के नवाबगंज तहसील के बुखारपुर एवं आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं की मां पूर्णागिरि धाम के प्रति गंभीर आस्था है। इस बार देवी मां के ये भक्त आठवां डोला लेकर पैदल यात्रा पर निकले थे, लेकिन उनको क्या पता कि हाइवे पर काल बनकर डंपर आएगा। श्रद्धालुओं ने बताया कि दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ करीब 240 श्रद्धालुओं का जत्था भक्तिगीतों पर नाचते-गाते पैदल आगे बढ़ रहा था। लाउडस्पीकर लगी ट्रैक्टर-ट्रालियां आगे चल रही थी। भक्तिगीतों पर नाचते-गाते वे मां का डोला लेकर पीछे चल रहे थे। इस दौरान पीछे से ओवरटेक करते एक डंपर ने जत्थे को रौंद डाला। पलक झपकते ही सड़क खून से लाल हो गई और लाशें एवं शरीर के कटे अंग सड़क पर बिखर गए। हादसे के बाद डरे-सहमे श्रद्धालुओं के चेहरे पर खौफ साफ नजर आ रहा था।

हादसे के प्रत्यक्षदर्शी श्रद्धालु बुखारपुर निवासी मृतक सोहन लाल के पुत्र तेजपाल ने बताया कि 16 मई को सुबह दस बजे आठवीं बार गांव में घूम-घूम कर भूमिसेन मंदिर में बनाए डोले के सिंहासन के साथ दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बुखारपुर, उल्लहतापुर, बिहारीपुर आदि गांवों के करीब 240 श्रद्धालु, जिनमें चार महिलाएं एवं सौ बच्चे भी शामिल थे। मां के डोले के साथ पैदल आगे बढ़े। उन्होंने बृहस्पतिवार को उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश किया। जगह-जगह तेज धूप से बचने के लिए वे रुक-रुक पर आगे बढ़ते हुए शाम हाइवे पर चकरपुर स्थित शिव मंदिर में पहुंचे। जहां उन्होंने रात्रि का भोजन एवं विश्राम किया। इसके बाद तड़के दो बजकर दस मिनट पर सभी श्रद्धालु मां के जयकारे के साथ आगे बढ़े। इस बीच बनबसा से आगे सैनिक छावनी आई। तब तक मां की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जैसे ही सैनिक छावनी से आगे विचई गांव के पास पहुंचे कि हादसा हो गया। तेजपाल के मुताबिक दो डंपर तेजी से एक-दूसरे को ओवरटेक करते आ रहे थे कि एक अनियंत्रित डंपर जत्थों को कुचलता हुआ दौड़ा। हादसे से कोहराम मच गया और लोग इधर-उधर भागे।
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सबसे पहले सेना के जवान भगवान बनकर उनकी मदद को आए। हादसे के 11 मृतकों में आठ सोनू, राजकुमार, दीनदयाल, माखन लाल, रामस्वरूप, सोहन लाल, बाबू और कमल बुखारपुर के निवासी है, जबकि गंभीर रूप से घायल होने वाले सभी नौ लोग भी बुखारपुर के हैं। श्रद्धालु शिव सिंह ने बताया कि वह डोले का सिंहासन पकड़कर आगे चल रहे थे। विचई के पास पॉलिथीन की पन्नी संवार रहे थे कि अचानक पीछे से डंपर आया और लोगों को रौंदता आगे बढ़ गया, जबकि हादसे को अंजाम देने वाला डंपर जिस डंपर को ओवरटेक कर रहा था वह हादसा देख वापस बनबसा की ओर मुड़ गया। बिहारीपुर निवासी नन्हें का इकलौता 16 वर्षीय पुत्र राजकुमार भी हादसे की भेंट चढ़ गया। हादसे के बाद गांव से खासी संख्या में लोग सरकारी अस्पताल अपने परिजनों को देखने दौड़े आए। अस्पताल में परिजनों का रो-रो बुरा हाल था। खासकर बुखारपुर गांव के लिए यह हादसा कहर बनकर टूटा है। गांव के कई घरों के चिराग बुझ गए।
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