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आयुष विंग के अस्पताल में दो साल से डॉक्टर नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, अस्कोट
Updated Fri, 24 Jun 2016 10:45 PM IST
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बंद पड़ा आयुष विंग का आयुर्वेदिक अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश सरकार के आयुर्वेद विभाग की आयुष विंग ने 2005 में जब यहां आयुर्वेदिक अस्पताल खोला था तब कहा गया था कि जल्दी ही यहां पर पंचकर्म की यूनिट भी स्थापित की जाएगी लेकिन पंचकर्म की यूनिट लगना तो दूर आयुर्वेदिक अस्पताल में ही ताले लग गए हैं। सरकारी तंत्र के इस रवैये से लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। जुलाई 2014 से अस्पताल में डॉक्टर, फार्मेसिस्ट का पद रिक्त चल रहा है।
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बताया गया कि सरकार ने 2005 में आयुष पद्धति की चिकित्सा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए जगह-जगह आयुर्वेदिक अस्पताल खोले। उनमें आयुष की अलग से विंग बनाई गई। अच्छे अनुभवी डॉक्टरों को इसमें तैनात किया गया, लेकिन बाद में यह अस्पताल स्टाफ की कमी से बंद होने लग गए हैं। जब तक यहां पर आयुर्वेदिक डॉक्टर कार्यरत थे तब तक लोगों को चिकित्सा की सुविधा मिल रही थी।
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जुलाई 2014 में यहां कार्यरत डा. रामेश्वरी आर्या ने अपना स्थानांतरण हल्द्वानी करा लिया। उनकी जगह विभाग ने अब तक किसी डॉक्टर को नहीं भेजा है। इस मामले में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. जीएस जंगपांगी का कहना है कि जिले में आयुर्वेद के 24 अस्पताल हैं। इनमें से 18 अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं। डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे इस जिले से अब भी बिना प्रतिस्थानी के डॉक्टरों को अन्यत्र संबद्ध करने का खेल चला हुआ है।
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