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Pithoragarh News: कहीं पांच किमी दूर से ढो रहे तो कहीं पांचवें दिन मिल रहा पानी

Mon, 17 Jun 2024 11:26 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Mon, 17 Jun 2024 11:26 PM IST
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At some places water is being transported from a distance of five kilometers and at other places water is being available on the fifth day.
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। क्षेत्र के अनेक गांवों के लोग चार-पांच किमी दूर से पानी ढो रहे हैं। इससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
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सरयू नदी से आठ करोड़ की लागत से बन रही ग्वासीकोट पंपिंग योजना में जल निगम पाइप लाइन बिछाने का दावा कर रहा है लेकिन ग्रामीणों के अनुसार कार्य रुका हुआ है। पाइपलाइन बिछाने का काम अधूरा छोड़ दिया गया है। अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र के कई गांवों में पानी स्रोत नहीं है। इन गांवों में बरसात में निकलने वाले स्रोत गर्मी शुरू होने से पहले ही सूख जाते हैं। नैनोली, पिलखी, ग्वासीकोट, तल्लापानी, खिरमांडे, नौखुना, दुगईआगर, खड़की, बज्यूड़ा, मातोली, जमड़लेख, ज्वाल, रिठायत, नाकोट, बैसाता गांवों के लोगों को पानी की व्यवस्था के लिए दिन रात लगा रहना पड़ता है। इन गांवों की पानी की समस्या दूर करने के लिए आठ करोड़ रुपये से सरयू नदी से ग्वासीकोट पंपिंग योजना निर्माणाधीन है। योजना को इस वर्ष जुलाई तक पूरा होना है।
प्रधान गंगा देवी, जलजीत सिंह डोबाल, मनोज सिंह बोहरा, निवास जोशी, मोहन सिंह, मुकेश जोशी, चंचल सिंह, बालम सिंह आदि ने बताया कि 6000 की आबादी वाले क्षेत्र के लोग गर्मियां शुरू होते ही प्रत्येक वर्ष पानी के लिए परेशान रहते हैं। उन्हें आधी रात को पानी ढोने जाना होता है। सबसे अधिक परेशानी नैनोली, पिलखी, ग्वासीकोट के लोगों को हैं। संवाद
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पेयजल संकट दूर नहीं हुआ तो रखेंगे निर्जल व्रत

-शासन प्रशासन पर पेयजल समस्या का समाधान करने का आरोप

लोहाघाट (चंपावत)। दूरस्थ नेपाल सीमा से लगे दिगालीचौड़ क्षेत्र के लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। पेयजल समस्या का समाधान न होने पर ग्रामीणों ने पेयजल निगम कार्यालय में निर्जल व्रत रखने का निर्णय लिया।
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हरेश्वर महादेव संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने सोमवार को पेयजल समस्या का समाधान न होने पर नाराजगी जताई। आक्रोशित लोगों ने कहा कि लंबे समय से बारिश न होने से दिगालीचौड़ क्षेत्र में पुरानी पेयजल योजनाएं सूख गई हैं। पेयजल निगम बाजार सहित पांच ग्राम पंचायतों में आठवें या नौवें दिन पिकअप से पानी दे रहा है। इससे लोगों का एक दिन का भी गुजारा नहीं हो पा रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि दिगालीचौड़ में विभाग ने लिफ्ट पेयजल योजना का 80 फीसदी कार्य पूरा कर लिया है। इसके बाद भी टेस्टिंग के नाम पर विभाग कार्य पूरा करने में हीलाहवाली कर रहा है। उन्होंने बताया कि बांकू पेयजल योजना भी ठंडे बस्ते में डाल दी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पेयजल समस्या का समाधान न होने पर वह मंगलवार को पेयजल निगम कार्यालय चंपावत में निर्जल उपवास रखेंगे और आगे की रणनीति बनाई जाएगी। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य पुष्कर सिंह बोहरा, ग्राम प्रधान पूजा भट्ट, पूर्व ग्राम प्रधान संजय भट्ट, ग्राम प्रधान पवन राम, मनोहर जोशी, भीम दत्त भट्ट शामिल रहे।
देवलथल में तीन माह से पानी के लिए तरसे 15 परिवार



पिथौरागढ़। देवलथल तहसील मुख्यालय के 15 परिवार पिछले तीन माह से पानी के लिए तरस रहे हैं। सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट में भी केवल आधा घंटा ही पानी की आपूर्ति हो रही है। नलों में पानी नहीं आने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
देवलथल निवासी तुलसी दत्त ने बताया कि कस्बे के लिए बमडोली के दोबड़ा से पानी की योजना बनी है। पिछले तीन माह से कस्बे के करीब 15 परिवारों को पानी नहीं मिल पा रहा है। सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट तो लगा है, लेकिन परिवार पानी के लिए तरस रहा है। संवाद
जीबी में पेयजल संकट से लोग परेशान

पिथौरागढ़। जीबी गांव में पेयजल संकट से लोग परेशान हैं। उन्होंने जल संस्थान से पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि जल संस्थान ने पेयजल योजना बनाकर ग्राम पंचायत को हस्तांतरित की है, लेकिन गांव में पानी की बूंद नहीं टपक रही है। किसी तरह ग्रामीण दो किमी दूर घुनसेरा गांव स्थित धारे से पेयजल की आपूर्ति कर रहे हैं। संवाद

लोहाघाट: 10 मिनट के पानी से कैसे होगा पांच दिन का गुजारा
लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में पेयजल संकट छा गया है। जल संस्थान की योजना से लोगों को अब पांचवें दिन बमुश्किल 10 मिनट पानी मिल रहा है।
लोगों का कहना है कि जल संस्थान की पेयजल योजना से अब तो चौथे और पांचवें दिन केवल 10 मिनट ही पानी मिल रहा है। पेयजल समस्या से जूझ रहे लोग नर्सरी गधेरे, अक्कलधारे से घंटों इंतजार के बाद लाइन में लगकर पानी ला रहे हैं। जल संस्थान के सहायक अभियंता पवन बिष्ट ने बताया कि लोहाघाट नगर के लिए प्रतिदिन 2160 केएल पानी की जरूरत है, इसके सापेक्ष चारों योजनाओं से मात्र 415 केएल पानी ही मिल रहा है।

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