फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   At GGIC Ganai Gangoli, the issue of water became more difficult than education.

Pithoragarh News: जीजीआईसी गणाई गंगोली में शिक्षा से ज्यादा कठिन बना पानी का विषय

Tue, 19 May 2026 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Tue, 19 May 2026 10:51 PM IST
विज्ञापन
At GGIC Ganai Gangoli, the issue of water became more difficult than education.
जीजीआईसी गणाई गंगोली में बगैर पानी के सूखा टैंक। संवाद
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। जीजीआईसी गणाई गंगोली की छात्राओं के लिए पढ़ाई करना चुनौती बना हुआ है। इसका कारण है पानी की कमी। स्कूल में पानी की दिक्कत है। बेटियां पीने के लिए घरों से बोतल में पानी ले आ रही हैं लेकिन बगैर पानी के शौचालयों का उपयोग बंद है। ऐसे में बेटियां परेशान हैं।
विज्ञापन

जीजीआईसी गणाई गंगोली में 135 छात्राएं पढ़ रही हैं। बेटी पढ़ाओ और महिला सशक्तीकरण के दावों के बाद भी इन छात्राओं के लिए पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। पिछले पांच साल से छात्राएं घरों से बोतल में पानी ढोकर अपनी प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं। हालात यह है कि मिड-डे-मील बनाने के लिए भी भोजनमाता को आधा किलोमीटर दूर गधेरे से पानी ढोना पड़ रहा है। इस स्कूल में पानी उपलब्ध कराने के लिए विभाग और प्रशासन अब तक कोई पेयजल योजना का निर्माण नहीं कर सका है इसकी मार यहां पढ़ने वाली बेटियां सह रही हैं। सिस्टम की इस उपेक्षा से बेटियां और अभिभावक परेशान हैं।
विज्ञापन

--
शौचालयों का उपयोग बंद, जंगल पर निर्भर
जीजीआईसी में पानी की कोई व्यवस्था न होने से शौचालयों का उपयोग बंद है। बगैर पानी के शौचालयों की सफाई करना स्कूल प्रबंधन के लिए नामुमकिन है। ऐसे में प्रबंधन को इनका उपयोग बंद करना पड़ा है। मजबूर बेटियां जंगल पर निर्भर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
पांच साल पहले सूख गया जल स्रोत, तब से ठप है जलापूर्ति
जीजीआईसी के लिए जिम्मेदार विभाग कोई पेयजल योजना नहीं बना सके। ग्राम पंचायत ने बेटियों की परेशानी को देखते हुए अपने संसाधनों से पेयजल लाइन का निर्माण किया। बाकायदा इसके लिए स्कूल में टैंक भी बनाया गया। पांच साल पूर्व पेयजल योजना का स्रोत सूख गया। तब से स्कूल में पानी की दिक्कत बढ़ गई है।
--
बोले लोग
जीजीआईसी में पानी की किल्लत को देखते हुए जल संस्थान के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। जल संस्थान को जल्द विद्यालय के लिए पेयजल योजना का निर्माण करना चाहिए। - कविता डोबाल, कनिष्ठ प्रमुख, गंगोलीहाट
--
जीजीआईसी में पानी की व्यवस्था न होने से बेटियां परेशान हैं। जल संस्थान और शिक्षा विभाग को संयुक्त रूप से प्रयास कर विद्यालय के लिए पेयजल योजना का निर्माण करना चाहिए ताकि बेटियों की परेशानी दूर हो सके। - चंदन वाणी, अध्यक्ष, पीटीए अध्यक्ष
--
जीजीआईसी में पिछले पांच साल से पेयजल आपूर्ति ठप है। इस संबंध में जिम्मेदार विभागों को पत्र भेजा गया है। इसके बाद भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। अब बच्चों, अभिभावकों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा। - कमल उपाध्याय, ग्राम प्रधान

--
जीजीआईसी में पेयजल आपूर्ति बंद होने से छात्राओं और शिक्षिकाओं को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। बीडीसी बैठक में कई बार इस समस्या को उठाया गया लेकिन कोई हल नहीं निकला। साफ है कि पूरा सिस्टम जिम्मेदार नहीं है। - बलबीर सिंह बोरा, बीडीसी सदस्य

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed